भारी बारिश ने यूपी में मचाया कोहराम: महज एक महीने में निगली 154 जिंदगियां, 1259 घर क्षतिग्रस्त
वैसे तो बरसात सभी के चेहरे पर मुसकान लेकर आती है. यही वजह है की हर कोई अच्छी बारिश की कामना करता है. लेकिन कई बार यही लोगों के लिए मौत का सबब बन जाती है. कुछ ऐसा ही उत्तर प्रदेश में भी हो रहा है. जहां महज एक महीने के दौरान कम से कम 154 लोगों की जान चली गई है.
लखनऊ: वैसे तो बरसात सभी के चेहरे पर मुसकान लेकर आती है. यही वजह है की हर कोई अच्छी बारिश की कामना करता है. लेकिन कई बार यही लोगों के लिए मौत का सबब बन जाती है. कुछ ऐसा ही उत्तर प्रदेश में भी हो रहा है. जहां महज एक महीने के दौरान भारी बारिश के कारण कम से कम 154 लोगों की जान चली गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्यभर में एक जुलाई से एक अगस्त के बीच भारी बारिश के कारण 154 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा आफत की बारिश से 131 लोग घायल हो गए. इतना ही नहीं, भारी बारिश की वजह से 1259 घर क्षतिग्रस्त हो गए है.
154 people dead, 131 people injured, 187 animals dead and 1259 houses damaged due to heavy rainfall and lightning in 72 districts of Uttar Pradesh from July 1 to August 1.
— ANI UP (@ANINewsUP) August 2, 2018
मूसलाधार बारिश से ना केवल इंसान बल्कि जानवर की भी मौत हुई है. पिछले एक महीने के दौरान 187 जानवरों की भी मौत हो गई. प्रशासन ने लोगों व जानवरों की मौत की बड़ी वजह आसमानी बिजली का गिरना बताया है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व राज्य के अन्य जिलों में भी पिछले 48 घंटों से हो रही बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह के अंत तक अभी बारिश का दौर जारी रहेगा.
इस बीच बारिश की वजह से रेल एवं सड़क यातायात पर भी इसका असर पड़ा है. इस बीच पिछले कई दिनों से हो रही बारिश की वजह से पूर्वांचल के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. कई जगहों पर पानी रिहायाशी इलाकों में प्रवेश कर गया है.
इस बीच पिछले कई दिनों से लगातार बारिश होने से गंगा और घाघरा का जलस्तर बढ़ाव पर है. आजमगढ़ में आठ घर और 20 बीघे जमीन कटान की वजह से गंगा में समा गई.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2018 04:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

