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Gonda Bolero Accident: 7 सीटर SUV में ठूंसे गए थे 15 लोग, 11 की गई जान; ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर एक दर्दनाक सबक

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से आई बोलेरो हादसे की खबर ने पूरे प्रदेश को सन्न कर दिया है. एक बार फिर ये साबित हो गया कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी किस हद तक जानलेवा साबित हो सकती है.

Gonda Bolero Accident: 7 सीटर SUV में ठूंसे गए थे 15 लोग, 11 की गई जान; ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर एक दर्दनाक सबक
Photo- ANI/X

Gonda Bolero Accident: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से आई बोलेरो हादसे की खबर ने पूरे प्रदेश को सन्न कर दिया है. एक बार फिर ये साबित हो गया कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी किस हद तक जानलेवा साबित हो सकती है. यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि लापरवाही की कीमत कितनी भारी हो सकती है. हादसा उस वक्त हुआ जब पृथ्वी नाथ मंदिर दर्शन को जा रहे श्रद्धालु बोलेरो गाड़ी में सवार होकर निकले थे. ये गाड़ी महज 7 लोगों की बैठने की क्षमता वाली थी, लेकिन उसमें 15 लोग ठूंसे गए थे.

ओवरलोडिंग की वजह से गाड़ी अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी. इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं.

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गोंडा बोलेरो हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गाड़ी में इतनी भीड़ थी कि हादसे के बाद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. अंदर फंसे हुए लोग पानी में ही दम तोड़ते रहे. हादसे के वक्त गाड़ी पूरी तरह डूब चुकी थी. बोलेरो के अंदर से शव निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को घंटों मशक्कत करनी पड़ी.

ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह

पुलिस के मुताबिक, हादसे की सबसे बड़ी वजह ओवरलोडिंग रही. मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी भी गाड़ी में निर्धारित सीटिंग क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना अपराध की श्रेणी में आता है. लेकिन गांव-कस्बों में इस नियम का पालन शायद ही कहीं होता हो. लोग जानबूझकर नियमों को ताक पर रखकर यात्रा करते हैं, और जब हादसे होते हैं, तो केवल अफसोस रह जाता है.

प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल

इस हादसे ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या रास्ते में कहीं भी पुलिस या परिवहन विभाग की नजर इस ओवरलोड गाड़ी पर नहीं पड़ी? क्या ऐसे वाहनों की चेकिंग सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित है?

ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन करें

यह घटना हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि ट्रैफिक नियम सिर्फ कागजों की बात नहीं हैं, बल्कि इन्हें पालन करना जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. अब वक्त आ गया है कि लोग जिम्मेदारी समझें और प्रशासन सख्ती से नियमों को लागू करे.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 04, 2025 03:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).