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दिल्ली में 2022 के पहले 6 महीनों में 1,100 महिलाओं के साथ हुआ दुष्कर्म

दिल्ली में 18 मई को एक दिल दहला देने वाली घटना देखने को मिली. 13 साल की एक लड़की के साथ आठ लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया, जिसमें एक किशोर भी शामिल है. राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर यह बड़ा सवाल है.

दिल्ली में 2022 के पहले 6 महीनों में 1,100 महिलाओं के साथ हुआ दुष्कर्म
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली, 7 अगस्त : दिल्ली में 18 मई को एक दिल दहला देने वाली घटना देखने को मिली. 13 साल की एक लड़की के साथ आठ लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया, जिसमें एक किशोर भी शामिल है. राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर यह बड़ा सवाल है. पीड़िता को पहले अगवा किया गया, बेहोश किया गया और फिर तीन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया. फिर उन्होंने मानवता की सीमाओं को पार करते हुए उसे आगे दूसरे को, फिर तीसरे को, फिर चौथे को सौंप दिया... 24 अप्रैल को लापता हुई बच्ची दो मई को साकेत मेट्रो स्टेशन पर मायूस हालत में मिली थी. यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में लगभग रोजाना होने वाले कई भीषण अपराधों में से एक है.

शाहदरा के कस्तूरबा नगर इलाके में मारपीट और सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स और क्रूर हरकत को कोई कैसे भूल सकता है. यह घटना, जिसने राष्ट्रीय राजधानी में रीढ़ की हड्डी को ठंडा कर दिया, 26 जनवरी को हुई, जब पीड़ित महिला पर कथित तौर पर महिलाओं सहित लोगों के एक समूह ने हमला किया, जिन्होंने उसके सिर को मुंडवा लिया, उसके कपड़े फाड़ दिए, उसका चेहरा काला कर दिया, और फिर उसे चप्पलों की माला पहनाकर सड़कों पर घुमाया. जघन्य अपराध के लिए, 21 लोगों - 12 महिलाओं, चार पुरुषों, दो लड़कियों और तीन लड़कों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी. लेकिन आंकड़े क्या कहते हैं?

पिछले साल के आंकड़ों की तुलना में दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, चालू वर्ष में 15 जुलाई तक 1,100 महिलाओं के साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया गया है. 2021 में इसी अवधि तक 1,033 महिलाओं को जघन्य अपराध का सामना करना पड़ा. इस साल के आंकड़ों की 2021 से तुलना करें तो इसमें 6.48 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी 'सर्वोच्च प्राथमिकता' है और यहां तक कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए नियमित रूप से नई पहल और कठोर कदम उठाए जा रहे हैं. हालांकि, संख्या में उछाल जारी है. यह भी पढ़ें : देश की खबरें | अमित शाह के ओडिशा दौरे के लिए जोरशोर से चल रहीं तैयारियां

शील भंग करने के इरादे से महिलाओं पर हमले का अपराध (आईपीसी की धारा 354), 2021 में 1,244 मामलों की तुलना में अब तक 1,480 मामले दर्ज हैं. एक और ताज्जुब की बात है कि राष्ट्रीय राजधानी में अब तक लगभग 2,200 महिलाओं का अपहरण हो चुका है, जो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय है. आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2,197 महिलाओं का अपहरण किया जा चुका है, जो पिछले साल के पहले छह महीनों में 1,880 अपहरणों की तुलना में बहुत अधिक है. पूरे साल 2021 में 3,758 महिलाओं ने अपहरण के अपराध का सामना किया. तथ्य यह भी है कि सिर्फ अजनबी ही महिला को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, पति या ससुराल वालों द्वारा की गई क्रूरता के मामलों की एक बड़ी संख्या है और इस साल आंकड़ा लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है.

अकेले इस साल महिलाओं के साथ उनके पति या ससुराल वालों द्वारा क्रूरता के 2,704 मामले सामने आए हैं. पिछले साल यह आंकड़ा 2,096 था. यहां तक कि दहेज के प्राचीन कदाचार ने 2021 में 72 की तुलना में इस साल 69 महिलाओं के जीवन का दावा किया. 2021 में, पहले छह महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की कुल संख्या 6,747 थी, जो इस साल बढ़कर 7,887 हो गई है. कुल मिलाकर, राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2022 02:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).