Mard Ko Dard Nahi Hota Movie Review: अभिमन्यु दसानी का शानदार डेब्यू, वासन बाला की इस फिल्म में है दम
वासन बाला की फिल्म 'मर्द को दर्द नहीं होता' को देखने से पहले हमारा ये रिव्यू जरूर पढ़ें
कास्ट: अभिमन्यु दसानी, राधिका मदन, गुलशन देवैया,महेश मांजरेकर, श्वेता बासु प्रसाद
निर्देशक: वासन बाला
रेटिंग्स: 4 स्टार्स
कहानी: जैसा कि इस फिल्म का टाइटल है 'मर्द को दर्द नहीं होता', ये कहानी है सूर्या (अभिमन्यु दसानी) नाम के एक ऐसे बच्चे जो एक विचित्र बिमारी से पीड़ित है. उसे किसी भी चोट या घाव से दर्द नहीं होता. शारीरिक दर्द से अनजान सूर्या का जीवन एक आम बच्चे से बेहद अलग है. एक तरफ जहां वो इस बिमारी से पीड़ित है वहीं दूसरी और शुरू से ही उसके भीतर सुपरहीरो या कहें कराटे मैन बनने की चाहत है. उसकी बिमारी और उसके स्वभाव के चलते सूर्या को स्कूल में बच्चे तंग करते हैं और वो इन सब के बीच काफी अकेला महसूस करता है. उसकी जिंदगी में चाहे जो कुछ भी हो, ये दो लोग हमेशा उसके बचाव में आगे आते हैं. एक उसके नाना (महेश मांजरेकर) तो दूसरी उसके पड़ोस में रहनेवाली उसी की दोस्त सुप्रि. सूर्या अपनी बिमारी के चलते हमेशा खुदको जाने-अंजाने में शारीरिक तौर पर जख्मी भी कर लेता है लेकिन उसके पिता और दादा हमेशा उसका ख्याल रखते हैं. फिल्म की शुरुआत में दिखाया गया है कि चंद चैन चोरों की वजह से उसकी मां की जान चली जाती है और अब सूर्या के जीवन का उद्देश है चैन चोर, बुराई करने वाले और पापी लोगों को इस दुनिया से मिटाना. सूर्या जब बड़ा होता है तो कराटे मणि (गुलशन देवैया) से उसकी मुलाकात होती है और वो उन्हें अपना गुरु मान लेता है. इसी दौरान उसकी बचपन की दोस्त सुप्रि से उसका फिर मिलन होता है. सूर्या और सुप्रि मिलकर कराटे मणि की एक इच्छा पूरी करने में अपनी जान की बाजी लगा देते हैं और इसी में उन्हें भी अपनी जिंदगी की मंजिल मिलती है.
अभिनय: फिल्म में अभिमन्यु दसानी का काम बेहद शानदार है. एक डेब्यू एक्टर के रूप में जिस तरह वो कॉन्फिडेंस के साथ अपने डायलॉग्स बोलते हैं और एक्ट करते हैं वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है. बात करें राधिका मदन की तो उन्होंने वाकई मार्शियल आर्ट्स की काफी बढ़िया प्रैक्टिस की है और ये उनके काम में नजर आता है. इस फिल्म में उनका किरदार भी आपको खूब एंटरटेन करेगा. फिल्म में डबल रोल में नजर आ रहे हैं गुलशन देवैया भी अपने किरदार के साथ पूरी तरह से न्याय करते दिख रहे हैं. उनके किरदार में ऐसी बात है कि आप उसे तहे दिल से एन्जॉय करेंगे. इन सबके अलावा महेश मांजरेकर के काम को भी आप भरपूर एन्जॉय करेंगे. उनके पहले सीन से लेकर आखिरी सीन तक वो आपको हंसाएंगे और साथ ही अपनी एक्टिंग से आपके दिल को छू लेंगे.
म्यूजिक: इस फिल्म में म्यूजिक का काम ही शानदार है. फिल्म का थीम सॉन्ग, इसके बैकग्राउंड स्कोर और एक्शन सीन्स में साउंड इफेक्ट्स आपको एक रियल सिनेमेटिक एक्सपीरियंस की अनुभूती कराएगी. कारन कुलकर्णी और दीपांजन गुहा ने वाकई म्यूजिक के मामले में काफी बढ़िया काम किया है.
फाइनल टेक: ये बात तो आपको पता होगी कि अंतरराष्ट्रिय फिल्म फेस्टिवल्स में इस फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया और टोरंटो फिल्म फेस्तिकल में इसे अवॉर्ड भी मिला. इस फिल्म के साथ वासन बाला और उनकी टीम ने नया कंटेंट दर्शकों के सामने पेश किया है. पिछले 3 साल से इस फिल्म पर काम किया जा रहा था और बेशक ये एक बेहद शानदार फिल्म बनकर उभरी है. फिल्म में मनोरंजन, थ्रिल और हर वो एलिमेंट मौजूद है जो इसे बेहद खास बनाती है. हम अपने पाठकों को यही सलाह देंगे कि आपको भी ये फिल्म जरूर देखनी चाहिए और इसमें कोई दोराय नहीं कि आप इसे देखना रिग्रेट नहीं करेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2019 09:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

