Silver Rate Today: भारतीय सर्राफा बाजार में इस सप्ताह चांदी की कीमतों में आई ऐतिहासिक तेजी के बाद शनिवार, 31 जनवरी को बाजार में स्थिरता का रुख देखने को मिल रहा है. चांदी ने इस हफ्ते 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर एक नया रिकॉर्ड बनाया था. हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मामूली मुनाफावसूली (Profit booking) के बावजूद सफेद धातु अभी भी ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है. वैश्विक संकेतों और औद्योगिक मांग में मजबूती के चलते चांदी को लगातार समर्थन मिल रहा है.
प्रमुख भारतीय शहरों में आज की दरें (प्रति 1 किलोग्राम)
31 जनवरी 2026 को भारत के विभिन्न हिस्सों में चांदी की कीमतें कुछ इस प्रकार दर्ज की गईं: यह भी पढ़े: Silver Rate Today, January 30, 2026: चांदी की कीमतों में ‘तूफानी’ तेजी, ₹4.10 लाख के पार निकला भाव; दिल्ली से चेन्नई तक नई दरें जारी
| शहर | चांदी की कीमत (1 किलोग्राम) |
| चेन्नई / हैदराबाद | INR 4,04,900 |
| नई दिल्ली / मुंबई | INR 3,94,900 |
| कोलकाता / बेंगलुरु | INR 3,94,900 |
| अहमदाबाद / जयपुर | INR 3,94,900 |
| लखनऊ / नोएडा | INR 3,94,900 |
| श्रीनगर | INR 3,90,000 |
(नोट: ये दरें सांकेतिक हैं और इनमें जीएसटी (GST), टीसीएस (TCS) और अन्य स्थानीय शुल्क शामिल नहीं हैं. स्थानीय बाजारों में कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है.)
दक्षिण भारत के बाजारों में कीमतों का दबदबा
आज के आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तर और पश्चिम भारत की तुलना में दक्षिण भारतीय बाजारों (जैसे चेन्नई और हैदराबाद) में चांदी की मांग और कीमतें अधिक बनी हुई हैं. चेन्नई में चांदी 4,04,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है, जो दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की तुलना में लगभग 10,000 रुपये अधिक है. क्षेत्रीय मांग और स्थानीय बुलियन कारकों को इस अंतर का मुख्य कारण माना जा रहा है.
तेजी के पीछे के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतों में इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं:
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औद्योगिक मांग: सौर ऊर्जा (Solar Energy) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण में चांदी के बढ़ते उपयोग ने औद्योगिक मांग को चरम पर पहुंचा दिया है.
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सुरक्षित निवेश: वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और मुद्राओं में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक चांदी को 'सेफ हेवन' (Safe Haven) के तौर पर देख रहे हैं.
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अंतरराष्ट्रीय संकेत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर पड़ रहा है.
विशेषज्ञों की राय
कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार में 'कंसोलिडेशन' (Consolidation) का दौर चल रहा है. निवेशकों की नजरें अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और मुद्रास्फीति (Inflation) की चिंताओं पर टिकी हैं. यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी जारी रहती है, तो चांदी जल्द ही दोबारा 4 लाख रुपये के स्तर को पार कर नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ सकती है. हालांकि, रिटेल ग्राहकों को खरीदारी करते समय मेकिंग चार्जेस और जीएसटी का ध्यान रखने की सलाह दी गई है.













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