Silver Rate Today, January 28, 2026: चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, ₹3.7 लाख के पार पहुंचा भाव; जानें दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों के ताजा रेट

28 जनवरी, 2026 को भारत में चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है. अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण चांदी अब ₹3,70,100 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है.

 Silver Rate Today, January 28, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार, 28 जनवरी को चांदी की कीमतों ने अपनी ऐतिहासिक तेजी को बरकरार रखते हुए एक नया शिखर छू लिया है. इस साल अन्य सभी प्रमुख संपत्तियों (Asset Classes) के मुकाबले चांदी का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है. जनवरी की शुरुआत से अब तक चांदी की कीमतों में 55 प्रतिशत का भारी उछाल देखा गया है, जिसके बाद प्रमुख महानगरों में खुदरा चांदी अब लगभग ₹3,70,100 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. इस उछाल के पीछे भू-राजनीतिक व्यापार युद्ध, वैश्विक आपूर्ति में कमी और एआई (AI) हार्डवेयर क्षेत्र से बढ़ती मांग को मुख्य कारण माना जा रहा है.

प्रमुख शहरों में आज चांदी की दरें

भारत के विभिन्न शहरों में चांदी की कीमतें स्थानीय मांग और करों के आधार पर थोड़ी अलग हो सकती हैं. दक्षिण भारतीय बाजारों, विशेषकर चेन्नई और हैदराबाद में उच्च मांग के कारण कीमतें थोड़ी अधिक बनी हुई हैं. यह भी पढ़े: Gold Rate Today: रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने की कीमतों में मामूली सुधार, दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में किस रेट में बिक रहा है गोल्ड; जानें आज का रेट

शहर चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम)
दिल्ली / मुंबई ₹3,70,100
चेन्नई / हैदराबाद ₹3,87,100
बेंगलुरु / कोलकाता ₹3,70,100
अहमदाबाद / पुणे ₹3,70,100
केरल ₹3,87,100

क्यों बढ़ रही है 'सफेद धातु' की चमक?

इस सप्ताह चांदी की कीमतों में आई तेजी का तात्कालिक कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच गहराता भू-राजनीतिक विवाद है. अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी ने निवेशकों को 'सुरक्षित निवेश' की ओर धकेल दिया है. इसके अतिरिक्त, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चांदी उत्पादक देश चीन द्वारा निर्यात पर लगाए गए नए प्रतिबंधों ने वैश्विक बाजार में आपूर्ति को काफी सीमित कर दिया है.

औद्योगिक जरूरत

2026 में चांदी का मूल्य केवल एक आभूषण या निवेश के रूप में नहीं, बल्कि एक औद्योगिक आवश्यकता के रूप में उभरा है. चांदी की कुल वैश्विक खपत का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा अब हाई-टेक विनिर्माण में उपयोग हो रहा है.

बाजार का भविष्य

गोल्ड-टू-सिल्वर रेशियो (Gold-to-Silver Ratio) 2012 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है, जिससे कमोडिटी ट्रेडर्स के बीच चांदी पसंदीदा धातु बन गई है. सिटी (Citi) और बैंक ऑफ अमेरिका जैसे वित्तीय संस्थानों ने अपने अल्पकालिक लक्ष्यों को संशोधित किया है. कुछ विश्लेषकों का सुझाव है कि यदि वर्तमान आपूर्ति की कमी जारी रहती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 150 से 170 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकती है.

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने चेतावनी भी दी है कि मौजूदा तेजी काफी उतार-चढ़ाव भरी है. यदि वैश्विक तनाव में कमी आती है, तो अल्पकालिक गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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