Silver Rate Today, February 1: चांदी की कीमतों में स्थिरता,  रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरावट के बाद संभले भाव; जानें  दिल्ली, मुंबई सहित अन्य राज्यों के आज के ताजा रेट

Silver Rate Today, February 1: भारतीय बाजारों में आज चांदी की कीमतों में स्थिरता का रुख देखा गया है. पिछले कुछ सत्रों में ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छूने और फिर मुनाफावसूली के कारण आई भारी गिरावट के बाद, आज 1 फरवरी को कीमतें ऊंचे स्तरों पर स्थिर होती दिख रही हैं. वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों और औद्योगिक मांग के चलते चांदी की कीमतों को निचले स्तरों पर सहारा मिल रहा है.

प्रमुख शहरों में आज चांदी के भाव (प्रति 1 किग्रा)

देश के विभिन्न हिस्सों में आज चांदी के दाम स्थानीय मांग और करों के आधार पर अलग-अलग दर्ज किए गए हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में कीमतें ₹4 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे बनी हुई हैं. यह भी पढ़े:  Silver Rate Today, January 29, 2026: चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, 4 लाख रुपये के पार पहुंची कीमत; जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के ताजा भाव

शहर चांदी की कीमत (प्रति 1 किलो)
चेन्नई / हैदराबाद ₹4,06,200
नई दिल्ली / मुंबई ₹3,96,200
कोलकाता / बेंगलुरु ₹3,96,200
अहमदाबाद / जयपुर ₹3,96,200
लखनऊ / नोएडा ₹3,96,200
श्रीनगर ₹3,91,500

(नोट: ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं और इनमें GST, TCS या अन्य स्थानीय कर शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी से संपर्क करें.)

बाजार में स्थिरता के पीछे के कारण

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले सप्ताह आई जबरदस्त तेजी के बाद अब निवेशक ऊंचे स्तरों पर सावधानी बरत रहे हैं. मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते कीमतों में जो सुधार आया था, वह अब थमता नजर आ रहा है.

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग चांदी को मजबूती प्रदान कर रही है. साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और सौर ऊर्जा क्षेत्र में चांदी की बढ़ती औद्योगिक खपत इसके भावों को गिरने से रोक रही है.

दक्षिणी भारत में चांदी महंगी क्यों?

आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली और मुंबई की तुलना में चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिणी बाजारों में चांदी प्रीमियम पर कारोबार कर रही है. स्थानीय ट्रेडर्स के मुताबिक, दक्षिण भारत में चांदी की शादियों और आभूषणों के लिए भारी मांग के साथ-साथ क्षेत्रीय आपूर्ति के कारण यहां कीमतें उत्तर भारत की तुलना में ₹10,000 प्रति किलो तक अधिक हैं.

भविष्य का क्या है अनुमान?

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी की दिशा काफी हद तक वैश्विक मुद्रा स्थितियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करेगी. यदि औद्योगिक मांग इसी तरह बनी रही और वैश्विक तनाव जारी रहा, तो चांदी एक बार फिर अपनी बढ़त शुरू कर सकती है. फिलहाल बाजार 'साइडवेज' यानी सीमित दायरे में रहने की संभावना है.