Silver Rate Today: सोने के बाद चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल, ₹3.60 लाख के पार पहुंचा भाव; जानें आज दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित अन्य बड़े शहरों में सिल्वर का ताज़ा रेट
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण भारत में चांदी की कीमतों ने ₹3,60,100 प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर छू लिया है. जानें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत अन्य प्रमुख शहरों के ताजा भाव.
Silver Rate Today, January 27, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में आज सफेद धातु यानी चांदी की कीमतों ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. मंगलवार को चांदी ₹3,60,100 प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई. महज 48 घंटों के भीतर कीमतों में लगभग ₹25,000 की भारी बढ़त दर्ज की गई है. इस उछाल के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और औद्योगिक मांग में आया अचानक उछाल मुख्य कारण माना जा रहा है.
प्रमुख शहरों में आज के भाव (प्रति किलोग्राम)
चेन्नई और कोयंबटूर जैसे दक्षिण भारतीय बाजारों में चांदी की कीमत ₹3.75 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो स्थानीय स्तर पर बढ़ी हुई मांग को दर्शाता है. यह भी पढ़े: Gold Rate Today, January 25, 2026: कीमतों में उछाल के बाद सोना खरीदना हुआ मुश्किल! जानें दिल्ली, मुंबई समेत अन्य शहरों में 22K-24K गोल्ड किस रेट में बिक रहा है
| शहर | चांदी का ताजा भाव (₹/kg) |
| दिल्ली | ₹3,60,100 |
| मुंबई | ₹3,60,100 |
| चेन्नई | ₹3,75,100 |
| बेंगलुरु | ₹3,60,100 |
| हैदराबाद | ₹3,75,100 |
| कोलकाता | ₹3,60,100 |
भू-राजनीतिक तनाव और 'सेफ-हेवन' निवेश
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों ने $100 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है, जो अब तक का रिकॉर्ड है. अमेरिका और प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है. विशेष रूप से ग्रीनलैंड से जुड़े विवाद और यूरोपीय संघ पर लगाए गए टैरिफ के खतरों ने निवेशकों को जोखिम भरे शेयर बाजार से हटाकर चांदी और सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है.
औद्योगिक मांग और आपूर्ति में कमी
चांदी की इस तेजी का एक बड़ा कारण इसकी औद्योगिक उपयोगिता भी है. वर्तमान में वैश्विक चांदी की कुल खपत का लगभग 55% हिस्सा औद्योगिक क्षेत्रों, विशेष रूप से सोलर पावर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और हाई-स्पीड डेटा सेंटर्स से आ रहा है. 'ग्रीन एनर्जी' की ओर बढ़ते कदमों ने चांदी की मांग को बढ़ा दिया है, जबकि चीन जैसे बड़े उत्पादकों द्वारा निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों ने आपूर्ति में भारी कमी पैदा कर दी है.
निवेशकों के लिए बाजार का रुख
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी घरेलू स्तर पर चांदी को और महंगा कर दिया है. हालांकि बाजार फिलहाल 'ओवरबॉट' (अत्यधिक खरीदारी) की स्थिति में है, जिससे आने वाले समय में मामूली गिरावट या करेक्शन की संभावना बनी हुई है. इसके बावजूद, भारत में आगामी शादियों के सीजन के कारण चांदी के गहनों और बर्तनों की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, जिससे कीमतों को निचले स्तर पर सहारा मिलेगा.