Petrol Price Today: जंग के बीच भारत के लिए बड़ी राहत, पेट्रोल की कीमतें स्थिर, जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत बड़े शहरों के आज के ताजा रेट
भारतीय तेल कंपनियों ने 16 मार्च 2026 को पेट्रोल की नई दरें जारी कर दी हैं. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.
Petrol Price Today, March 16, 2026: देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने सोमवार, 16 मार्च 2026 को पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी अस्थिरता के बावजूद पिछले छह महीनों से अधिक समय से घरेलू बाजार में स्थिरता बनी हुई है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत 103.54 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है.
आज का पेट्रोल भाव
भारत में पेट्रोल की कीमतों में राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले वैट (VAT), माल ढुलाई शुल्क और स्थानीय लेवी के कारण अंतर होता है. 16 मार्च के ताजा रेट नीचे दिए गए हैं: यह भी पढ़े: Petrol Price Today, March 13, 2026: दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर; जानें अपने शहर में पेट्रोल के ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) |
| नई दिल्ली | INR 94.77 |
| मुंबई | INR 103.54 |
| चेन्नई | INR 100.84 |
| कोलकाता | INR 105.45 |
| बेंगलुरु | INR 102.99 |
| हैदराबाद | INR 107.50 |
| अहमदाबाद | INR 94.49 |
| नोएडा | INR 95.12 |
| जयपुर | INR 105.13 |
वैश्विक बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में वर्तमान में काफी हलचल देखी जा रही है. सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड वायदा 103.42 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था. मध्य पूर्व में तनाव, विशेष रूप से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के आसपास की स्थिति ने वैश्विक कीमतों को वर्षों बाद 100 डॉलर के स्तर के पार पहुंचा दिया है. इन बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने महंगाई के झटकों से बचने के लिए फिलहाल खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है. विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियां फिलहाल इस अस्थिरता को खुद झेल रही हैं.
कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
भारत में पेट्रोल की अंतिम कीमत कई घरेलू कारकों से तय होती है:
- कराधान (Taxation): केंद्र सरकार का उत्पाद शुल्क (Excise Duty) पूरे देश में समान रहता है, लेकिन राज्यों का वैट (VAT) 15% से 30% तक भिन्न हो सकता है. यही कारण है कि हैदराबाद में पेट्रोल दिल्ली की तुलना में लगभग 13 रुपये महंगा है.
- रुपया बनाम डॉलर: भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है. डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती या कमजोरी सीधे तौर पर आयात लागत को प्रभावित करती है.
- डीलर कमीशन: पेट्रोल पंप मालिकों को दिया जाने वाला कमीशन भी अंतिम कीमत का हिस्सा होता है.
भविष्य का अनुमान और राहत
हालांकि कीमतें कई महीनों से स्थिर हैं, लेकिन उद्योग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि लंबे समय तक भू-राजनीतिक अस्थिरता जारी रहती है, तो तेल कंपनियों को खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. फिलहाल, सरकार की मूल्य प्रबंधन रणनीति परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों के लिए राहत लेकर आई है, जो आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने में मदद करती है.