नयी दिल्ली, आठ अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने ड्यूटी पर शराब के नशे में होने के चलते सेवा से बर्खास्त कर दिये गये सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान की याचिका स्वीकार करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने कहा, ‘‘आपने अपना अपराध स्वीकार किया है कि आप ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में थे। आपका यह कहना है कि आप परेशान थे और आप गये और शराब की एक बोतल ले आये। हम यहां क्या कर सकते हैं? हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे।’’
बीएसएफ जवान की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि अदालतों और संबद्ध प्राधिकारों ने सेवा से बर्खास्त किये जाने पर बीएसएफ के विभिन्न नियमों पर गौर नहीं किया।
पीठ ने कहा कि वह सेवा से बर्खास्तगी के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि बर्खास्तगी के आदेश के खिलाफ जवान की अपील बीएसएफ महानिदेशक ने खारिज कर दी थी और मेघालय उच्च न्यायालय ने भी सेवा से बर्खास्तगी की पुष्टि की थी।
अधिवक्ता ने कहा कि ड्यूटी पर शराब के नशे में रहने को लेकर सजा बहुत कठोर है।
न्यायालय ने कहा, ‘‘बिल्कुल, यह कठोर होगा, आप सीमा सुरक्षा बल में ड्यूटी पर शराब के नशे में नहीं हो सकते।’’
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