अमृतसर, एक सितंबर पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की शिकायत पर आने वाली फिल्म ‘यारियां-2’ के निर्माताओं के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया। एसजीपीसी ने फिल्म के गाने के दृश्य में एक अभिनेता के कृपाण रखने पर आपत्ति जताई थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अमृतसर पुलिस ने अभिनेता मीजान जाफरी, निर्देशक विनय सप्रू और राधिका राव तथा निर्माता भूषण कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295-ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किया गया कृत्य) के तहत दर्ज की गई है।
सिख तालमेल कमेटी के एक सदस्य की शिकायत पर बुधवार को उनके खिलाफ जालंधर जिले में आईपीसी की इसी धारा के तहत एक और प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि गैर-सिख अभिनेता ने ‘गात्र कृपाण’ (सिख आस्था का प्रतीक) रखकर सिख सिद्धांतों, मर्यादा और जीवनशैली को ठेस पहुंचाई है। अमृतसर पुलिस ने अपने ई-डिवीजन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया है।
एसजीपीसी सचिव ने कहा कि फिल्म के निर्माताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने कृत्य के लिए माफी मांगी है, लेकिन सिख भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य को अभी भी ठीक से हटाया नहीं गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘गाना अभी भी यूट्यूब पर मौजूद है...केवल कृपाण को संपादित करके धुंधला कर दिया गया है, लेकिन गात्र (कृपाण रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कपड़े का बेल्ट) बरकरार है, जो फिल्म निर्माताओं की मंशा पर गंभीर सवाल उठाता है।’’
इससे पहले, सिख तालमेल कमेटी के सदस्य हरप्रीत सिंह ने अपनी शिकायत में तर्क दिया था कि सिख आचार संहिता के अनुसार केवल अमृतधारी सिखों को ही कृपाण रखने की अनुमति है।
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