जरुरी जानकारी | डब्ल्यूटीओ आईसीटी उत्पादों पर भारत में शुल्क लगाने पर समिति गठित करने पर करेगा विचार

नयी दिल्ली, 28 जुलाई विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का विवाद निपटान निकाय चीनी ताइपे और जापान के भारत के खिलाफ आयोग गठित करने के अनुरोध पर 29 जुलाई को विचार करेगा। दोनों देशों ने अपनी शिकायतों में कहा है कि भारत उसके कुछ सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) उत्पादों पर सीमा शुल्क लगा रहा है।

डब्ल्यूटीओ को दी गयी सूचना के अनुसार चीनी ताइपे और जापान दोनों ने भारत के कुछ आईसीटी उत्पादों पर सीमा शुल्क लगाये जाने को लेकर विवाद निपटान समिति गठित करने का अलग-अलग आग्रह किया है।

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इससे पहले, भारत ने दोनों देशों के डब्ल्यूटीओ में विवाद निपटान समिति के गठन के अनुरोध को अवरूद्ध कर दिया था।

विश्व व्यापार संगठन के व्यापार विवाद नियमों के अनुसार, अगर ये देश दूसरी बार अनुरोध लेकर आते हैं, समिति का गठन किया जाएगा।

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इससे पहले, दोनों देशों ने मई में डब्ल्यूटीओ में सेल्यूलर नेटवर्क के लिये टेलीफोन, टेलीफोन के कल-पुर्जों समेत कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर आयात शुल्क लगाये जाने को लेकर मामला दर्ज कराया था।

भारत का कहना है कि ये आईसीटी उत्पाद डब्ल्यूटीओ के सूचना प्रौद्योगिकी उत्पाद (आईटीए-2) समझौते का हिस्सा है और नयी दिल्ली उस समझौते का हिस्सा नहीं है। भारत आईटीए-1 का हिस्सा है जिस पर 1997 में दस्तखत किये गये थे। उसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमें इन उत्पादों पर सीमा शुल्क को समाप्त करने की बात हो।

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