विदेश की खबरें | विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता भारतीय-अमेरिकी मृदा वैज्ञानिक ने पराली जलाने पर रोक की अपील की

: ललित के झा :

वाशिंगटन, 12 जून प्रतिष्ठित विश्व खाद्य पुरस्कार 2020 जीतने वाले भारतीय मूल के प्रख्यात अमेरिकी मृदा वैज्ञानिक डॉ रतन लाल ने भारत में पराली जलाने पर तत्काल रोक लगाने की अपील की है और कहा कि भूमि से सबकुछ ले लेना अच्छा नहीं है क्योंकि वापसी का भी एक नियम है।

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लाल (75) को बृहस्पतिवार को 2,50,000 डॉलर के विश्व खाद्य पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया था। इस पुरस्कार को कृषि क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के बराबर माना जाता है।

उन्हें मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए छोटे किसानों की मदद कर वैश्विक खाद्य आपूर्ति को बढ़ाने में योगदान देने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने मृदा विज्ञान में लाल के शोध की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह खाद्य उत्पादन और पोषक तत्वों को पुन: उपयोग में ला सकने के अपने काम से विश्व भर के लाखों छोटे किसानों की मदद कर रहे हैं।

विश्व खाद्य पुरस्कार फाउंडेशन ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि डॉ लाल ने चार महाद्वीपों तक फैले और अपने पांच दशक से अधिक के करियर में मिट्टी की गुणवत्ता को बचाए रखने की नवीन तकनीकों को बढ़ावा देकर 50 करोड़ से अधिक छोटे किसानों की आजीविका को लाभ पहुंचाया है।

इसमें कहा गया कि उनके कार्य ने दो अरब से ज्यादा लोगों की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में सुधार किया है और करोड़ों हेक्टेयर प्राकृतिक उष्णकटिबंधीय पारिस्थितिकी तंत्रों को संरक्षित किया है।

आयोवा स्थित फाउंडेशन ने कहा, “भारतीय मूल के और अमेरिकी नागरिक, डॉ रतन लाल को खाद्य उत्पादन बढ़ाने के लिए मृदा केंद्रित रुख विकसित करने और उसे मुख्यधारा विषयक बनाकर प्राकृतिक संसाधनों को बरकरार एवं संरक्षित रखने तथा जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने के लिए 2020 का विश्व खाद्य पुरस्कार दिया जाएगा।”

डॉ लाल ने घोषणा के बाद पीटीआई- को एक साक्षात्कार में कहा, “मृदा विज्ञान को इस पुरस्कार से पहचान मिलेगी। मैं इसे लेकर बहुत खुश हूं।”

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