नयी दिल्ली, 31 जनवरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि पिछले दशक में भारत में विश्वस्तरीय आधुनिक अवसरंचना से दुनिया में देश की छवि मजबूत हुई है और निवेशकों का भारत के प्रति भरोसा बढ़ा है।
उन्होंने बजट सत्र के पहले दिन संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पिछले एक दशक के काम को आगे ले जाते हुए, पिछले छह महीनों में मेरी सरकार ने भविष्य के बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश किया है।’’
उन्होंने कहा कि किसी भी देश का आधुनिक बुनियादी ढांचा न केवल उसके नागरिकों को एक बेहतर जीवन एवं देश को नई पहचान देता है, बल्कि देश को एक नया आत्मविश्वास भी देता है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘बीते दशक में भारत ने विश्वस्तरीय अवसंरचना निर्माण के कई पड़ाव तय किए हैं। इस आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से दुनिया में भारत की छवि मजबूत हुई है, निवेशकों का भारत के प्रति भरोसा बढ़ा है, उद्योगों को बल मिला है और नए रोजगार का सृजन हो रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार देश के हर हिस्से को राजमार्ग, एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान द्वारा परियोजनाओं को पूरा करने की गति तेज हुई है।’’
उन्होंने कहा कि दस साल पहले, बुनियादी ढांचे का बजट लगभग दो लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले बजट में बढ़कर ग्यारह लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
राष्ट्रपति ने कहा कि वाढवण में भारत के पहले ‘डीप वाटर मेगा पोर्ट’ की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने कहा कि 76,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पोर्ट विश्व के शीर्ष दस बंदरगाहों में से एक होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो गई है और अब देश कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेलवे लाइन से जुड़ जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चेनाब ब्रिज का निर्माण हुआ है जो विश्व का सबसे ऊंचा रेल सेतु है। साथ ही आंजी पुल, देश का पहला रेल केबल ब्रिज बना है।’’
मुर्मू ने कहा कि शिंकुन ला सुरंग पर भी काम सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में पूरी होने पर यह विश्व की सबसे ऊंची सुरंग होगी और इससे लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश के बीच बारहमासी संपर्क बना रहेगा।
उन्होंने भारत के विमानन क्षेत्र के तेजी से विकास करने का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की एयरलाइन कम्पनियों ने सत्रह सौ से अधिक नए विमानों के ऑर्डर दिए हैं।
मुर्मू ने कहा, ‘‘इतनी बड़ी संख्या में आने वाले विमानों के परिचालन के लिए हम विमानपत्तन का विस्तार कर रहे हैं। पिछले एक दशक में देश में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई है।’’
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