नयी दिल्ली, पांच अगस्त दवा कंपनी सिप्ला कोविड-19 की दवा विकसित करने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी के चेयरमैन वाई. के. हामिद ने कहा कि इसके साथ ही कंपनी ने कई जीवनरक्षक आवश्यक दवाओं का उत्पादन भी बढ़ाया है।
कंपनी की 2019-20 की वार्षिक रपट को शेयरधारकों के साथ साझा करते हुए हामिद ने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए कंपनी आगे रहकर काम कर रही है।
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हामिद ने कहा, ‘‘सिप्ला वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), भारतीय रसायन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी), भारतीय आयुर्विाान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर कोविड-19 के इलाज के लिए दवा विकसित करने पर काम कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि इस बीच कंपनी अपने वैश्विक सहयोगियों के साथ मिलकर उन दवाओं की आपूर्ति भी कर रही है जिनके कोविड-19 के इलाज में अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
हामिद ने कहा, ‘‘ हमारे रणनीतिक वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर कंपनी अपने पोर्टफोलियो में बहुत सारी दवाएं उपलब्ध करा रही है जिन्होंने इलाज तक पहुंच को बेहतर किया है। रेमेडिसिविर, फैविपिराविर और टॉक्लिजुंब के मामले में यह बात सच भी साबित हो रही है।’’
उन्होंने कहा कि इसी के साथ कंपनी अन्य कई जीवनरक्षक आवश्यक दवाओं के उत्पादन को तेज कर रही है जो इस महामारी से निपटने में सक्षम हैं।
हामिद ने कहा कि कोविड-19 के इलाज में उल्लेखनीय परिणाम दिखाने वाली लॉपिनाविर,रिटॉनाविर, हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्यून और अजिथ्रोमाइसिन के विनिर्माण को तेज करने के साथ-साथ कंपनी ने दमा इत्यादि की दवाओं का उत्पादन भी तेज किया है।
उन्होंने कहा कि इस महामारी ने हर देश को आत्मनिर्भर बनने के प्रति भी सचेत किया है। सिप्ला का आत्मनिर्भरता और पर्याप्ता का सिद्धांत और सस्ती दवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता आज के समय में और अधिक महत्वपूर्ण हो गयी है।
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