नयी दिल्ली, 24 फरवरी उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में 2023 में फंसे श्रमिकों के मानसिक स्वास्थ्य की जांच से जुड़े एक अध्ययन से पता चला है कि उनमें से लगभग एक तिहाई ‘‘समय भटकाव’’ से पीड़ित रहे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें नींद की समस्याएं हुईं।
गत 12 नवंबर, 2023 को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सुरंग ढह गई थी। इसमें 40 से अधिक श्रमिक 17 दिन तक फंसे रहे थे।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के विशेषज्ञों ने बताया कि आंशिक रूप से प्रकाश-अंधेरे के चक्रों में व्यवधान के कारण, सुरंग में फंसे श्रमिकों को मानसिक स्वास्थ्य और नींद की समस्या का अनुभव होता है, जो अन्य आपदाओं में बताई गई समस्याओं से अलग है।
तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की एक सुरंग का हिस्सा शनिवार को ढह जाने से आठ लोग फंस गए हैं।
उत्तराखंड में 2023 में सिलक्यारा बेंड-बरकोट सुरंग में फंसे निर्माण श्रमिकों को बचाने वाले माइनिंग विशेषज्ञों की एक टीम ने तेलंगाना में बचाव अभियान में मोर्चा संभाला है।
सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर किए गए अध्ययन के नतीजे जनवरी में ‘स्लीप मेडिसिन’ पत्रिका में प्रकाशित किए गए।
शोधकर्ताओं ने उत्तरकाशी सुरंग घटना के 33 श्रमिकों से उनकी दिनचर्या, चिंताओं, नींद आदि के बारे में साक्षात्कार किया।
प्रतिभागियों ने अपनी चिंता, अवसाद और नींद का आकलन करने वाली प्रश्नावली का जवाब दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि श्रमिकों ने ‘शुरुआती दिनों में आशा और चिंता की मिलीजुली भावना’ होने की बात कही।
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