विदेश की खबरें | महारानी के राष्ट्रीय शोक के पूरा होने के साथ महाराजा के दौर में प्रवेश करेगा ब्रिटेन
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

महारानी की लंदन की अंतिम यात्रा और उनके राजकीय अंतिम संस्कार के संबंध में 10 दिन तक के शोक के लिए सारी व्यवस्थाएं ‘ऑपरेशन लंदन ब्रिज’ के कूटनाम से चल रही हैं। आने वाले दिनों में क्या-क्या होगा, उसका ब्योरा कुछ इस प्रकार है:

बृहस्पतिवार, 15 सितंबर:

महारानी के ताबूत को पूरे चार दिन के लिए लंदन के वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा गया है। दिवंगत महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोग कतारों में लगे रहे। दोपहर तक लोगों की यह कतार 7 किलोमीटर से लंबी हो गयी थी।

शुक्रवार, 16 सितंबर:

महाराजा और उनकी पत्नी ब्रिटेन के चार देशों की अपनी शाही यात्रा के अंतिम चरण में वेल्स जाएंगी।

शुक्रवार रात को महाराजा चार्ल्स तृतीय और उनके तीन भाई-बहन प्रिंसेस एनी, प्रिंस एंड्रयू और प्रिंस एडवर्ड महारानी के ताबूत के चारों ओर 15 मिनट तक रहेंगे।

शनिवार, 18 सितंबर:

ब्रिटेन में रात आठ बजे एक मिनट का मौन रखा जाएगा।

सोमवार, 19 सितंबर:

महारानी के ताबूत के वेस्टमिंस्टर हॉल में रखे जाने (लाइंग-इन-स्टेट) की अवधि सोमवार सुबह समाप्त होगी।

महाराजा के नेतृत्व में शाही परिवार एक जुलूस में शामिल होगा जिसमें महारानी के ताबूत को वेस्टमिंस्टर हॉल से पास के वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा जो सुबह 11 बजे शुरू होगा। दुनियाभर के नेता और मेहमान इसमें शामिल हो सकते हैं।

अंतिम संस्कार के बाद ब्रिटेन में दो मिनट का मौन रखा जाएगा।

अंतिम संस्कार के साथ 10 दिन का राष्ट्रीय शोक समाप्त होगा और इस दिन पूरे ब्रिटेन में सार्वजनिक अवकाश होगा।

सोमवार दोपहर बाद विंडसर में सेंट जॉर्ज चैपल में महारानी के लिए ‘कमिटल सेवा’ की जाएगी। उसी दिन रात में एक निजी कार्यक्रम में महारानी की पार्थिव देह को उनके दिवंगत पति प्रिंस फिलिप की कब्र के पास दफनाया जाएगा।

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