देश की खबरें | मराठवाड़ा में किसानों की दुर्दशा पर पूर्व आईएएस अधिकारी की रिपोर्ट पर गौर करेंगे : कृषि मंत्री मुंडे

मुंबई, 21 जुलाई महाराष्ट्र के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने शुक्रवार को राज्य विधान परिषद को सूचित किया कि वह जांच करेंगे कि क्या एक पूर्व आईएएस अधिकारी ने ऐसी कोई रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें दावा किया गया है कि मराठवाड़ा क्षेत्र में एक लाख किसान आत्महत्या करने पर विचार कर रहे हैं।

वह शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता एकनाथ खडसे द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

मुंडे ने कहा, ‘‘खडसे ने सुनील केंद्रेकर द्वारा 10 लाख किसानों के उस समय किए गए सर्वेक्षण का मुद्दा उठाया था, जब वह मराठवाड़ा क्षेत्र के संभागीय आयुक्त थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह (केंद्रेकर) संभागीय आयुक्त थे, इसलिए उन्होंने राजस्व विभाग को रिपोर्ट सौंपी होगी। मैं देखूंगा कि रिपोर्ट सरकार तक पहुंची है या नहीं। मैं इसे पढ़ूंगा और सदन को बताऊंगा कि क्या कार्रवाई की जा रही है।’’

खडसे ने सदन को बताया कि सर्वेक्षण के दौरान मराठवाड़ा के 10 लाख किसानों से उनकी समस्याएं जानने के लिए संपर्क किया गया था।

राज्य के पूर्व कृषि मंत्री खडसे ने कहा, ‘‘सर्वेक्षण रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक लाख किसान बंजर भूमि, कर्ज, बेटी की शादी के लिए धन की कमी, कृषि उपज के लिए लाभकारी कीमतों की कमी और सूखे जैसे विभिन्न कारणों से आत्महत्या करने पर विचार कर रहे थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार कहती है कि वह हर किसान को प्रति वर्ष 6,000 रुपये देगी। इसका मतलब है एक किसान के लिए प्रति माह 500 रुपये है।’’

शिवसेना सदस्य संजय शिरसत ने विधान भवन में संवाददाताओं से कहा कि अगर रिपोर्ट के निष्कर्ष गलत पाए गए तो केंद्रेकर के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि एक लाख किसान आत्महत्या पर विचार कर रहे थे, तो संभागीय आयुक्त के रूप में केंद्रेकर क्या कर रहे थे? अगर रिपोर्ट गलत है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।’’

औरंगाबाद संभागीय आयुक्त के पद पर तैनात केंद्रेकर ने सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2002 बैच के अधिकारी केंद्रेकर को 31 मई, 2025 को सेवानिवृत्त होना था। सरकार ने पिछले महीने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया था।

पद छोड़ने से पहले केंद्रेकर ने संकेत दिया था कि वे संभाग के 21 लाख किसान परिवारों की सर्वेक्षण रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेंगे।

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