देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर के लोगों की भूमि, नौकरियों की सुरक्षा के लिए एआईसीसी के साथ चर्चा करेंगे: रजनी पाटिल

जम्मू, 17 दिसंबर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की जम्मू-कश्मीर प्रभारी रजनी पाटिल ने अनुच्छेद 370 को रद्द करने के सरकार के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने के मद्देनजर रविवार को कहा कि स्थानीय लोगों की जमीन और नौकरियों की सुरक्षा के उपाय तैयार करने का मुद्दा कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उठाया जाएगा।

शीर्ष अदालत ने 11 दिसंबर को पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखा और राज्य का दर्जा ‘‘जल्द से जल्द’’ बहाल करने के साथ-साथ अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया।

पाटिल ने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों के आरक्षण की परिकल्पना वाला कानून जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव से लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय लोगों की अन्य पहचानों के अलावा भूमि और नौकरियों की सुरक्षा के लिए जेकेपीसीसी की मांग को एआईसीसी के साथ उठाया जाएगा।’’

पाटिल ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के पड़ाव के दौरान लोगों ने राहुल गांधी के सामने इसे जोरदार ढंग से उठाया था। हमारा संविधान विविधताओं से भरे विशाल देश की अलग-अलग आकांक्षाओं और मांग को समायोजित करने के लिए काफी लचीला है, जो हमारी ताकत है।’’

उन्होंने रावण के संदर्भ में विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर केंद्रीय भाजपा नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि इतिहास गवाह है कि हर अहंकारी का पतन होता है।

पाटिल ने दावा किया कि हाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिले 4.81 करोड़ वोटों के मुकाबले कांग्रेस को 4.91 करोड़ वोट मिले हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)