कोलकाता, एक जून लोकसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण में शनिवार को पश्चिम बंगाल में नौ संसदीय क्षेत्रों में मतदान के दौरान बशीरहाट निर्वाचन क्षेत्र के संदेशखालि में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच व्यापक हिंसा हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
सातवें चरण में पश्चिम बंगाल के शेष आठ संसदीय क्षेत्रों में भी हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं।
वैसे निर्वाचन आयोग ने दावा किया है कि अबतक मतदान शांतिपूर्ण रहा है तथा उसे ईवीएम के काम नहीं करने एवं एजेंट को मतदान स्थल पर जाने से रोकने जैसी 1,899 शिकायतें मिली हैं।
आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि नौ लोकसभा सीटों के लिए दोपहर तीन बजे तक 1.63 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से लगभग 58.46 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। वे मतदान केंद्र में चुनाव एजेंट को जाने से रोकने पर एक दूसरे से भिड़ गये।
संदेशखालि में चुनावी गड़बड़ी के आरोपों को लेकर तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई। भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा ने आरोप लगाया कि तृणमूल के ‘‘गुंडों’’ ने मतदाताओं को वोट डालने से रोका।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने पात्रा और भाजपा के ‘‘गुंडों’’ पर चुनावी माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। दोनों दलों के समर्थकों के बीच जब बसंती एक्सप्रेस राजमार्ग पर मारपीट हुई, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
बशीरहाट के पुलिस अधीक्षक हुसैद मेहदी रहमान ने कहा कि संदेशखालि के बायरमारी में तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प में तीन लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
तटीय क्षेत्र बेरमजुर में शुक्रवार रात से ही तनाव व्याप्त है क्योंकि भाजपा ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों के साथ शुक्रवार रात को उनके कई मतदान एजेंट के घरों में जाकर उन्हें धमकाया।
जादवपुर संसदीय क्षेत्र के भांगर में तृणमूल और आईएसएफ के समर्थकों के बीच टकराव हो गया। आरोप है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर देसी बम फेंके।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों गुटों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के क्रम में सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया एवं कई देसी बम बरामद किये।
जयनगर संसदीय क्षेत्र के कुलटुली में नाराज मतदाताओं ने इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों को जलाशय में फेंक दिया। उन्होंने चुनावी धांधली का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल के निर्वाचन कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट की, ‘‘आज सुबह छह बजकर 40 मिनट पर जयनगर (सुरक्षित) संसदीय क्षेत्र के कुलटुली विधानसभा क्षेत्र में बेनिमाधवपुर एफपी स्कूल के समीप सेक्टर ऑफिस से ‘रिजर्व’ ईवीएम एवं कागजात स्थानीय भीड़ ने लूट लिये तथा एक सीयू (कंट्रोल यूनिट) एक बीयू (बैलट यूनिट), दो वीवीपैट मशीनें एक तालाब में फेंक दी गयीं।’’
निर्वाचन कार्यालय ने लिखा, ‘‘सेक्टर पुलिस थोड़ा पीछे थी। सेक्टर ऑफिस ने प्राथमिकी दर्ज करायी है और जरूरी कार्रवाई शुरू की गयी है। इस सेक्टर के सभी छह मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया निर्बाध ढंग से चल रही है। सेक्टर ऑफिस को नयी ईवीएम एवं कागजात उपलब्ध कराये गये।’’
वरिष्ठ भाजपा नेता और बंगाल के पार्टी मामलों के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र धू-धू कर जल रहा है। जादवपुर के भांगर में बम फेंके गये तथा जयनगर के कुलटुली में नाराज ग्रामीणों ने ईवीएम एवं वीवीपैट मशीन तालाब में फेंक दीं, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के गुंड़े उन्हें वोट देने नहीं देंगे।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘लेकिन सबसे अधिक प्रभावित डायमंड हार्बर है जहां से ममता बनर्जी के भतीजे और उनके संभावित उत्तराधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है, उन्हें मतदान स्थलों पर बैठने नहीं दिया जाता है, उनके मतदान दस्तावेजों को नष्ट कर दिया गया। पश्चिम बंगाल पुलिस अभिषेक बनर्जी के गुर्गे की तरह व्यवहार कर रही है। यहां तक मुसलमानों को भी नहीं बख्शा गया है, क्योंकि उनमें से बड़ी संख्या में लोग माकपा प्रत्याशी प्रतीकुर रहमान को वोट दे रहे हैं। तृणमूल की धर्मनिरपेक्षता उसी क्षण मर जाती है जब मुसलमान उनके खिलाफ वोट डालने लगते हैं।’’
उसके बाद कोलकाता पुलिस ने दावा किया यह घटना चुनाव प्रकिया शुरू होने से पहले सुबह में हुई।
कोलकाता पुलिस ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बंगाल में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से काफी पहले सुबह करीब छह बजे यह घटना घटी। पुलिस और सीएपीएफ ने तत्काल दखल दिया एवं बदमाशों के खिलाफ कदम उठाये। कानूनी कार्रवाई शुरू की गयी है। भांगर में बिना किसी बाधा के मतदान शुरू हुआ है और शांतिपूर्ण चल रहा है।’’
तृणमूल समर्थकों ने आईएसएफ पर मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए हिंसा करने का आरोप लगाया है। भांगर के पोलरहाट में सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया तथा संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
अन्य घटना बाघाजतिन क्षेत्र में हुई जहां एक आईएसएफ कार्यकर्ता की गाड़ी में तोड़फोड़ की गयी। इस कथित घटना के सिलसिले में तृणमूल समर्थकों पर आरोप लगाये गये।
तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी का गढ़ समझे जाने वाले डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र में तृणमूल एवं भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई। भाजपा उम्मीदवार अभिजीत दास ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। तृणमूल ने आरोप से इनकार किया है। बनर्जी इस संसदीय सीट से फिर संसद पहुंचने की कोशिश में हैं।
दास जब एक मतदान स्थल पर पहुंचे तब तृणमूल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाये। जवाब में दास अपनी कार से बाहर निकले और जवाबी नारे लगाये।
इसी तरह, माकपा प्रत्याशी प्रतीकुर रहमान ने जब कैनिंग क्षेत्र में एक मतदान स्थल पर पहुंचने की कोशिश की तब तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ‘वापस जाओ’ के नारे लगाये।
जादवपुर के गांगुली बागान में मार्क्सवदी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) कार्यकर्ताओं को तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से पीटा और उनके कैंप कार्यालयों में तोड़फोड़ की। हालांकि, तृणमूल ने आरोपों से इनकार किया।
बड़ानगर विधानसभा सीट पर आज उपचुनाव हो रहा है। वहां माकपा प्रत्याशी तन्मय भट्टाचार्य जब एक मतदान स्थल के बाहर खड़े थे तब उनपर हमला किया गया। तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उनपर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
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