नयी दिल्ली, छह अक्टूबर आम आदमी पार्टी (आप) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना से पूछा कि उन्होंने 6000 करोड़ रुपये के कथित टोल टैक्स घोटाले की जांच का आदेश क्यों नहीं दिया, जबकि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उन्हें इस संबंध में दो माह पहले ‘दस्तावेजों’ के साथ शिकायत भेजी थी।
आप के दिल्ली नगर निकाय चुनाव प्रभारी दुर्गेश पाठक ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आश्चर्य जताया कि क्या सक्सेना कथित घोटाले की जांच का आदेश देने के लिए ''साहस नहीं'' जुटा पा रहे थे, क्योंकि इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ ''बहुत वरिष्ठ नेता'' शामिल थे।
आप के आरोप पर उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल को घोटाले की जांच के लिए दस्तावेजों के साथ एक पत्र भेजा था, जिसके बाद से लगभग दो महीने हो चुके हैं। जांच का आदेश तो छोड़िए, उपराज्यपाल ने अब तक सिसोदिया के पत्र की पावती भी नहीं भेजी है।’’
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल सक्सेना ने जब से कार्यभार संभाला है तब से दिल्ली की आप सरकार के खिलाफ कई जांच के आदेश दिए हैं और उनकी जांच करने वाले अधिकारियों को अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
पाठक ने कहा, “उपराज्यपाल बिना किसी सबूत के आप सरकार के खिलाफ हर दूसरे दिन जांच का आदेश देते हैं, लेकिन हम इसका स्वागत करते हैं। जितना चाहो पड़ताल करो। हम सभी जांच का स्वागत करते हैं।’’
उन्होंने पूछा, ‘‘लेकिन, उपराज्यपाल 6,000 करोड़ रुपये के इस टोल टैक्स घोटाले की जांच का आदेश देने से क्यों भाग रहे हैं? वह किस भाजपा नेता को बचाने की कोशिश कर रहे हैं?’’
पाठक ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि इस घोटाले में भाजपा के कोई बहुत वरिष्ठ नेता शामिल हैं, इसलिए उपराज्यपाल हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और घोटाले की जांच के आदेश नहीं दे पा रहे हैं।
आप नेता ने उपराज्यपाल से कथित टोल टैक्स घोटाले की जांच के आदेश देने की मांग की।
सिसोदिया ने 10 अगस्त को सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली नगर निगम में 6,000 करोड़ रुपये के कथित टोल टैक्स घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY