विदेश की खबरें | पश्चिमी राजदूतों ने तनाव दूर करने के लिए कोसोवो-सर्बिया का दौरा किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अमेरिका, यूरोपीय संघ, फ्रांस जर्मनी और इटली के राजदूतों ने कोसोवो में प्रधानमंत्री अल्बिन कुर्ती से मुलाकात की। उनकी योजना दिन में बेलग्रेड जाकर सर्बिया के प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर वूसिक से मुलाकात करने की है ताकि सर्बिया और कोसोवो के रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए अगले संभावित कदमों पर चर्चा की जा सके।

यूरोपीय संघ के राजदूत मिरोस्लाव लाजकेक ने कहा कि ढाई घंटे से अधिक समय ‘‘लंबा था... पर आसान नहीं...लेकिन ईमानदारी से कहूं तो कुर्ती के साथ बहुत ही खुले माहौल में बातचीत हुई।’’

स्लोवाकिया के पूर्व विदेश मंत्री लाजकेक ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि इन प्रस्तावों के अवसरों के प्रति बेहतर समझ पैदा होगी।’’

गौरतलब है कि कोसोवो ने वर्ष 2008 में सर्बिया से आजादी की घोषणा की थी।

रूस और चीन से समर्थन प्राप्त सर्बिया ने कोसोवो की आजादी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था जबकि अमेरिका और अधिकतर पश्चिमी देशों ने कोसोवो को मान्यता दे दी थी।

कोसोवो अल्बानियाई अलगाववादियों के खिलाफ वर्ष 1999 में सर्बिया द्वारा शुरू की गई कार्रवाई 78 दिनों तक नाटो द्वारा की गई बमबारी के बाद खत्म हुई। नाटो की बमबारी की वजह से सर्बियाई सैनिक, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कोसोवो छोड़ा था।

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