देश की खबरें | प. बंगाल: एनएसओयू ने कर्मचारियों के सार्वजनिक तौर पर बोलने पर रोक संबंधी नोटिस वापस लिया

कोलकाता, 20 जुलाई कोलकाता में नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय (एनएसओयू) ने अपने कर्मचारियों के विश्वविद्यालय के संबंध में प्रेस से बातचीत करने अथवा उसकी अनुमति के बिना सोशल मीडिया में किसी भी प्रकार का पोस्ट डालने पर रोक संबंधी नोटिस को कड़ी आलोचनाओं के बाद वापस ले लिया है।

इस नोटिस के विरोध में विभिन्न शिक्षक संघों ने प्रदर्शन किया था। ‘ऑल बंगाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन’ (एबीयूटए), जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेयूटीए) ने एनएसओयू शिक्षक संघ के साथ मिलकर नोटिस वापस लेने की मांग की थी।

विश्वविद्यालय ने 14 जुलाई को नोटिस जारी करके कहा था, ‘‘कर्मचारियों को विश्वविद्यालय से जुड़े किसी भी मामले में प्रेस, मीडिया, सोशल मीडिया पर बिना पूर्व अनुमति के कुछ भी न बोलने का निर्देश दिया जाता है..।’’

इसमें कहा गया था कि आदेश का उल्लंघन करने अथवा इसे नहीं मानने पर सक्षम प्राधिकार द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षक संघों ने दावा किया कि यह आदेश अभिव्यक्ति तथा बोलने की स्वतंत्रता का उल्लंघन है।

विश्वविद्यालय ने प्रदर्शनों को देखते हुए 19 जुलाई को एक ताजा आदेश जारी करते हुए पहले के आदेश को वापस लेने की घोषणा की।

कार्यवाहक रजिस्ट्रार असित बरन आइच की ओर से जारी नये आदेश में कहा गया है, ‘‘चौदह जुलाई को जारी हुआ आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है। विश्वविद्यालय के सक्षम प्राधिकार ने इसे मंजूरी दी है।’’

विश्वविद्यालय के अतंरिम कुलपति चंदन बसु ने बुधवार को पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बारे में टिप्पणी के लिए विश्वविद्यालय के किसी अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका।

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