देश की खबरें | पश्चिम बंगाल उपचुनाव:ईसी ने शिकायतों पर देरी से कदम उठाने के टीएमसी के आरोप को किया खारिज

नयी दिल्ली, 11 नवंबर निर्वाचन आयोग (ईसी) ने शिकायतों पर कार्रवाई में देरी या कार्रवाई नहीं करने के तृणमूल कांग्रेस के आरोप को सोमवार को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने पश्चिम बंगाल उपचुनाव के सिलसिले में पार्टी से शिकायत मिलने पर 20 घंटे के अंदर जरूरी कदम उठाये।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन को भेजे जवाब में ईसी ने कहा कि यह ‘आश्चर्यजनक’ है कि नौ नवंबर को दोपहर में आवेदन मिलने के ‘20 घंटे के भीतर’ आयोग द्वारा त्वरित कार्रवाई करने के बाद भी, ‘विलंब संबंधी अवांछनीय टिप्पणियां’ की गई हैं।

उसने कहा, ‘‘ ऐसे में यह आयोग निष्क्रियता और देर से जवाब के आपके आरोपों को पूरी तरह से निराधार, तथ्यों से रहित और भ्रामक मानते हुए खारिज करता है। हालांकि, विस्तार से बिना कोई चर्चा किये आज दोपहर बैठक में भाग लेने के लिए आपका हार्दिक स्वागत है, जैसा कि 10 नवंबर को पहले ही बता दिया गया था।’’

आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के वास्ते एक प्रतिनिधिमंडल को समय देने का तृणमूल का अनुरोध ईमेल से आठ नवंबर शाम पांच बजकर 17 मिनट पर मिला।

ईसी के जवाबी पत्र में कहा गया है, ‘‘लेकिन उसमें किसी मुद्दे का जिक्र नहीं है जिसपर चर्चा की जरूरत है। इस अनुरोध के बारे में स्मरण पत्र ई-मेल नौ नवंबर को पूर्वाह्न नौ बजकर 57 मिनट पर मिला।’’

इस पत्र में कहा गया है, ‘‘हालांकि, इसमें भी न तो कोई स्पष्ट मुद्दा बताया गया और न ही कोई ज्ञापन संलग्न किया गया। जब आयोग ज्ञापन प्राप्त करने या बैठक का विषय जानने का इंतजार कर रहा था, तब एआईटीसी (अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस) का एक प्रतिनिधिमंडल नौ नवंबर को आयोग कार्यालय आया और दो ज्ञापन सौंपे।’’

ईसी के जवाब में कहा गया है कि दोनों ही ज्ञापन पर ‘त्वरित कार्रवाई’ करते हुए आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को सुरक्षाबलों की तैनाती के अत्यावश्यक मुद्दे का पहले समाधान करने को कहा।

आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के सीईओ ने यहां आयोग के कार्यालय में तृणमूल कांग्रेस का प्रतिवेदन प्राप्त होने के ‘20 घंटे के भीतर’ 10 नवंबर को राज्य पुलिस नोडल अधिकारी (एसपीएनओ) और राज्य सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) समन्वयक के साथ राज्य स्तरीय बल तैनाती समिति की बैठक बुलाई।

आयोग ने कहा, ‘‘ यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक क्यूआरटी (त्वरित कार्रवाई दल), जिसमें सीएपीएफ के कंपनी कमांडर के नेतृत्व वाली टीम भी शामिल है, में एक एएसआई या एसआई स्तर का राज्य पुलिस कर्मी शामिल होगा। सीईओ ने एसपीएनओ और राज्य सीएपीएफ समन्वयक को 10 नवंबर को ही निर्देश जारी कर दिए, जो 11 नवंबर के आपके पत्र से काफी पहले ही जारी कर दिए गए थे।

जवाब में कहा गया है कि जहां तक सुकांत मजूमदार के कथित भाषण से जुड़ा दूसरा विषय है तो आयोग पहले ही उन्हें नोटिस भेज चुका है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)