दोनों पक्षों के बीच इस सप्ताह के अंत में खत्म होने जा रहे एक संघर्ष विराम समझौते के तहत कैदियों-बंधकों की अदला-बदली का यह अंतिम चरण था।
दूसरे चरण पर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है। इस चरण के तहत हमास को कैदियों की रिहाई और एक स्थायी युद्ध विराम के बदले में दर्जनों शेष बंधकों को रिहा करना है।
हमास ने एक बयान में कहा कि इजराइल के लिए शेष बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने का “एकमात्र तरीका” बातचीत और समझौते का पालन करना है।
समूह ने चेतावनी दी कि युद्धविराम से पीछे हटने का कोई भी प्रयास “बंधकों और उनके परिवारों के लिए और अधिक पीड़ादायक होगा।” हमास ने पुष्टि की है कि 600 से अधिक कैदियों को बीती रात रिहा कर दिया गया है।
कैदियों का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह का कहना है कि इजराइल ने अभी तक 24 फलस्तीनी बंदियों को रिहा नहीं किया है।
समूह ने कहा कि इजराइल ने बृहस्पतिवार को अभी तक 24 फलस्तीनी बंदियों को वापस नहीं किया है, जिनकी रिहाई रात में होनी थी, जबकि हमास ने कैद में मारे गए चार बंधकों के शव इजराइल को सौंप दिए हैं।
चौबीस फलस्तीनी बंदियों में 23 किशोर और एक महिला शामिल हैं, जिन्हें गाजा में सैन्य छापेमारी के दौरान इजराइली हिरासत में लिया गया था।
संघर्ष विराम के तहत, इजराइल ने एक हजार से अधिक बंदियों को रिहा करने का वादा किया है।
इजराइल के अधिकारी ने कहा कि सेना गाजा-मिस्र सीमा पर गलियारे से नहीं हटेगी।
गाजा युद्ध विराम का पहला चरण इस सप्ताह के अंत में समाप्त होने वाला है तथा अगले चरण पर बातचीत अभी तक शुरू नहीं हुई है।
हमास ने इजराइल द्वारा सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों को रिहा किए जाने के बदले में बृहस्पतिवार को जिन चार बंधकों के शवों को ‘रेड क्रॉस’ को सौंपा था उनमें से तीन की पहचान कर ली गई है।
‘होस्टेजेस एंड मिसिंग फैमिलीज फोरम’ ने बृहस्पतिवार को बताया कि ओहाद याहालोमी, इत्जाक एल्गरात और श्लोमो मंत्जूर के शव इजराइल को लौटाए गए हैं।
एपी
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