देश की खबरें | हमने गठबंधन धर्म का पालन करने के लिए पूरी ईमानदारी के साथ काम किया : चौटाला

चंडीगढ़, 13 मार्च जननायक जनता पार्टी (जजपा) अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला ने बुधवार को कहा कि पिछले साढ़े चार साल में गठबंधन धर्म का पालन करने के लिये उनकी पार्टी ने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया है और पार्टी कभी सत्ता की भूखी नहीं थी ।

चौटाला का यह बयान भाजपा के साथ जजपा का गठबंधन टूट जाने के एक दिन बाद आया है, जब पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया।

चौटाला ने कहा कि देश में होने वाले आगामी आम चुनाव के लिये उनकी पार्टी ने हरियाणा में लोकसभा की दो सीटों की मांग की थी लेकिन भाजपा ने इसे खारिज कर दिया ।

उन्होंने कहा, ‘‘परसों (सोमवार को) मैं दिल्ली में ही था। (सीटों के बंटवारे को लेकर) दुष्यंत चौटाला ने भाजपा प्रमुख जे पी नड्डा से मुलाकात की। हमने कहा कि हम दो सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यह देने से इंकार कर दिया।’’

चौटाला ने कहा कि उन्होंने दुष्यंत को वापस भाजपा नेतृत्व के पास भेजा और कहलवाया कि भाजपा अगर वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ा कर 5100 रुपये प्रति महीने करने का वादा पूरा करती है तो जजपा प्रदेश में एक भी लोकसभा सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी और सभी दस सीटों पर उनका समर्थन करेगी ।

उन्होंने कहा, ‘‘हम लोग सत्ता के भूखे नहीं हैं ।’’ उन्होंने कहा कि पिछले साढे चार साल में उनकी पार्टी गठबंधन धर्म का पालन करने के लिये पूरी ईमानदारी के साथ काम किया है।

चौटाला ने कहा कि यह लोगों के आशीर्वाद के कारण था कि उनकी पार्टी को 17 प्रतिशत वोट मिले और 2019 के विधानसभा चुनावों में 10 सीटें जीतीं।

उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल में भाजपा के साथ गठबंधन में रही पार्टी ने जनता से किये गये सभी वादे पूरे किये।

उन्होंने निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण और पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण जैसे वादों का जिक्र किया।

चौटाला ने जोर देकर कहा कि जनता सर्वोच्च है और भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग ‘अब की बार 75 पार’ का दावा करते थे, वे सिर्फ 40 सीटें जीतने में कामयाब रहे।

वह हरियाणा में 2019 विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन का जिक्र कर रहे थे।

इससे पहले सभा को संबोधित करते हुए, हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा, ‘‘सत्ता किसी की बपौती नहीं है। कोई इसे लोगों की ताकत के दम पर हासिल करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने हमारे समर्थन से साढ़े चार साल तक सरकार चलाई। उनके पास आज भी 48 विधायकों के साथ सदन में बहुमत है।’’

दुष्यंत ने कहा कि उनकी पार्टी ‘गठबंधन धर्म’ को ध्यान में रखते हुए दो लोकसभा सीटों - भिवानी-महेंद्रगढ़ और हिसार - के लिए तैयारी कर रही थी।

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के साथ अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए दुष्यंत ने कहा कि पार्टी ने उनसे रोहतक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहा था।

दुष्‍यंत ने दावा किया कि उनकी पार्टी 50 से अधिक सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा, ‘‘न तो हमारा मनोबल गिरा है और न ही हम कमजोर हुए हैं । उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनाव लड़ेगी।’’

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को हटा कर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद नायब सिंह सैनी को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया ।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सैनी ने खट्टर और उनकी कैबिनेट के नाटकीय ढंग से हुए इस्तीफे के कुछ घंटे बाद पांच अन्य मंत्रियों के साथ राजभवन में मुख्यमंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

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