देश की खबरें | ऋषिकेश के गंगानगर में जलभराव के साथ मकानों में जमीन तोड़कर बाहर आ रहा पानी

ऋषिकेश, 22 अगस्त ऋषिकेश स्थित गंगा नगर में भारी बारिश के दौरान जल भराव से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इसके साथ ही कई मकानों का पक्का फर्श तोड़ कर भूमिगत जल के बहने से भी यहां रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी है ।

नगर विकास मंत्री एवं स्थानीय विधायक प्रेम चंद अग्रवाल ने भी गंगा नगर का दौरा किया तथा वहां के हालात का जायजा लिया।

नगर निगम ऋषिकेश के आयुक्त राहुल कुमार गोयल ने स्थिति को 'चिंताजनक' बताते हुए कहा कि गंगा नगर के बसते समय विकास प्राधिकरणों ने जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया ।

उन्होंने कहा कि केवल छह इंच की सीवर लाइन बरसात की गाद भरने से बंद हो गयी और आज क्षेत्र में जल भराव हो गया।

गंगा नगर में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता एकांत गोयल ने कहा कि यहां के बिल्डर और नेता गंगा नगर की जल भराव समस्या के लिए जिम्मेदार है ।

उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम के नेता शांति नगर के नाले को बंद नहीं कराते तो यहां जलभराव की स्थिति नहीं होती।

जल भराव के अलावा क्षेत्र में कई मकानों में पक्का फर्श तोड़कर पानी बाहर आकर बह रहा है ।

सेवा निवृत्त अधिकारी अनूप मित्तल ने कहा कि जलभराव की समस्या सीवर व्यवस्था की नाकामी है। उन्होंने कहा कि सीवर के चेम्बर में घुसा बाढ़ का पानी वापस मकानों में घुसा और फर्श तोड़ कर बाहर बहना शुरु कर दिया।

उन्होंने कहा कि भूमिगत जल का स्तर जमीन के स्तर से भी ऊपर आ गया और उसने भी बहना शुरू कर दिया ।

उन्होंने कहा कि सरकार गंगा नगर में जल की निकासी का तत्काल प्रबंध करे और जमीन तोड़ कर बहते भूमिगत जल के अध्ययन के लिए भूगर्भ शास्त्रियों के दल को भेजे ताकि यहाँ के भवन सुरक्षित रहें ।

सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्था उत्तराखंड जन विकास मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि 1998 से तीव्र गति से बसना शुरु हुए गंगा नगर में प्राधिकरण विकास शुल्क लेकर नक्शे पास करता रहा लेकिन उसने जल निकासी की व्यवस्था से कोई सरोकार नहीं रखा ।

संपूर्ण ऋषिकेश में अगले 100 सालों के लिए नई सीवर योजना की जरूरत पर जोर देते हुए शर्मा ने कहा कि गंगा नगर में भूमिगत जल का फूट कर बाहर आना बहुत चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि जल श्रोतों का फूटना इशारा कर रहा है कि यहां कभी जलस्रोत रहे होंगे जिनको बिल्डर्स व भू माफियाओं ने पाट कर दबा दिया होगा।

उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराई जाए तथा इसे रोकने के उपाय किए जाएं ताकि यहां जन जीवन सुरक्षित रह सके।

नगर निगम आयुक्त गोयल ने हांलांकि कहा कि उत्तराखण्ड सरकार और जर्मनी की एक संस्था के बीच इस संबंध में एक करार हुआ है। उन्होंने बताया कि अगले साल यह संस्था ऋषिकेश के लिए योजना बनाकर नई सीवर लाइन डालेगी और तभी जल भराव की समस्या से स्थाई मुक्ति मिल पाएगी।

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