देश की खबरें | आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग को लेकर वीपीपी प्रमुख की भूख हड़ताल आठवें दिन भी जारी

शिलांग, 30 मई मेघालय में 1972 की आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग को लेकर विपक्षी दल 'वॉयस ऑफ द पीपल्स पार्टी' (वीपीपी) के अध्यक्ष अर्देंट बसाइवमोइत की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी है।

मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्निआवभलंग धर का कहना है कि सरकार मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा के राज्य लौटने के बाद आरक्षण नीति पर विचार करेगी।

वीपीपी नेता की मांग है कि खासी और गारो समुदायों के लोगों के बीच नौकरियों के 40-40 अनुपात की आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जाए। उन्होंने राज्य सरकार के वार्ता के अनुरोध को ठुकरा दिया।

बसाइवमोइत ने कहा कि उनकी पार्टी तभी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल वापस लेगी, जब सरकार 1972 की नौकरी आरक्षण नीति की समीक्षा करने के लिए तैयार हो।

वीपीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘हमने सरकार के सामने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। यदि सरकार अब भी अड़ी रहती है, तो मैं तब तक इस जगह से नहीं जाऊंगा, जब तक सरकार नौकरियों में आरक्षण संबंधी मौजूदा नीति की समीक्षा करने का फैसला नहीं करती।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि नौकरी में आरक्षण का अनुपात राज्य की जनसंख्या संरचना के अनुसार होना चाहिए।

धर ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री के लौट आने के बाद इस (आरक्षण नीति) पर फैसला करेंगे।’’

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