जयपुर, 22 अगस्त राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2030 तक राजस्थान को हर क्षेत्र में भारत का सिरमौर बनाने की दिशा में महत्वाकांक्षी 'राजस्थान मिशन-2030' की शुरुआत मंगलवार को यहां की और कहा कि यह दस्तावेज प्रदेशवासियों की प्रगति का संकल्प बनेगा।
गहलोत ने बिड़ला सभागार में मिशन के उद्घाटन समारोह में कहा कि राज्य की प्रगति को 10 गुना गति देने में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक करोड़ लोगों से उनके सपनों के राजस्थान के लिए सलाह और सुझाव लेगी, इन्हीं के आधार पर 'विजन-2030 दस्तावेज' तैयार कर जारी किया जाएगा।
गहलोत ने कहा कि राजस्थान सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, आर्थिक विकास, आधारभूत सरंचना विकास, सौर ऊर्जा, अनाज उत्पादन सहित हर क्षेत्र में देश का 'आदर्श राज्य' बन गया है।
उन्होंने कहा कि अब हमें 2030 के राजस्थान के सपने को 'विजन-2030 डॉक्यूमेंट' के जरिए साकार करना है। उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हम सभी ने मिलकर पिछले पांच साल में राजस्थान की प्रगति को चार गुना बढ़ाया है, अब इसे 2030 तक 10 गुना तक ले जाना है। इसके लिए आम आवाम से आह्वान है कि वे 'विजन डॉक्यूमेंट' तैयार करने के लिए बहुमूल्य सुझाव-विचार साझा करें। यह दस्तावेज प्रदेशवासियों की प्रगति का संकल्प बनेगा।’’
एक बयान के अनुसार गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने वादों और इरादों के जरिए प्रदेशवासियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया है, कुशल वित्तीय प्रबंधन से राज्य की आर्थिक प्रगति को गति दी है, अब इसे तीव्र गति से आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार और राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी अधिनियम लाने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य है। उनका कहना था कि ऐप आधारित कंपनियों में काम करने वालों (गिग वर्कर) के लिये कानून बनाने वाला राजस्थान पहला प्रदेश है। उन्होंने कहा, ‘‘ अब राजस्थान एक विकसित राज्य बने, प्रति व्यक्ति आय, हैप्पीनेस इंडेक्स और निवेश अधिक से अधिक बढ़े, यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’
गहलोत ने यह भी कहा कि वह झूठे वादे नहीं करते हैं और उन्होंने जो कहा है वह करके दिखाया है।
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'ईआरसीपी राज्य की पिछली सरकार की बनाई इतनी बड़ी योजना है... अब उन्होंने (केंद्र सरकार ने) इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं करने की जिद पकड़ रखी है.. उसका मेरे पास इलाज नहीं। वह तो केंद्र सरकार ही कर सकती है। पर हमारी जिद है कि अगर वे नहीं करेंगे तो हम इस परियोजना को पूरी करके दिखाएंगे।’’
राजस्थान सरकार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की मांग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विशेषज्ञों, अधिकारियों, गैर सरकारी संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और आमजन से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उदयपुर के राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय को स्नातकोत्तर में क्रमोन्नत करने की घोषणा भी की।
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