देश की खबरें | राजभवन के बाहर हिंसा, अंदर निगरानी: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बोस

कोलकाता, 30 सितंबर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नीत सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि राजभवन के बाहर ‘हिंसा’ (वायलेंस) होती है और अंदर ‘निगरानी’ (लेंस) होती है।

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि बोस की टिप्पणियां पश्चिम बंगाल में ‘‘वास्तविक स्थिति’’ को बयां करती हैं, जबकि सत्तारूढ़ टीएमसी ने कहा कि राज्यपाल का बयान ‘‘बहुत मायने नहीं रखता।’’

बोस धूपगुड़ी से तृणमूल कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक निर्मल चंद्र रॉय को राजभवन में शपथ दिलाने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने वहां मौजूद पत्रकारों से कहा कि ‘‘राजभवन के बाहर बहुत हिंसा होती है और अंदर निगरानी की जाती है।’’

राज्यपाल ने पूर्व में भी शिकायत की थी कि उनकी निगरानी की जाती है। सूत्रों के मुताबिक बोस ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि उनकी बातचीत की टैपिंग और निगरानी की जा रही है। उन्होंने राजभवन में जैमर और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली लगाने का अनुरोध किया था।

राज्यपाल ने पूर्व में उन इलाकों का दौरा किया था जहां इस साल जुलाई में पंचायत चुनावों के दौरान हिंसा भड़की थी।

बोस की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने कहा, ‘‘राज्यपाल ने राजभवन के अंदर और बाहर टीएमसी द्वारा फैलाए गए आतंक को सही ढंग से बयां किया है।’’

सिन्हा ने कहा, ‘‘राजभवन के बाहर सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों सहित आम लोग टीएमसी के गुंडों द्वारा फैलाए गए आतंक की गवाही देते हैं, वहीं राजभवन के अंदर राज्यपाल को राज्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निगरानी का सामना करना पड़ता है।’’

विधानसभा में टीएमसी के उप मुख्य सचेतक तापस रॉय ने कहा कि बोस की टिप्पणियां उनकी समझ से परे हैं और ‘‘राज्यपाल ही इस बात को स्पष्ट कर सकते हैं कि उनका क्या मतलब है।’’

रॉय ने कहा, ‘‘हम ‘अंदर निगरानी’ (लेंस) और ‘बाहर हिंसा’ (वायलेंस) जैसी टिप्पणी से यह नहीं समझ रहे कि उनका क्या मतलब है। हम सीधी बात में विश्वास करते हैं। हम परोक्ष बयानों में विश्वास नहीं करते हैं।’’

विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों पर राज्य सरकार की सिफारिशों को दरकिनार करने और कुलपतियों की बैठक बुलाने के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार और राज्यपाल बोस के बीच और तल्खी पैदा हो गई।

तृणमूल कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक निर्मल चंद्र रॉय ने पांच सितंबर को धूपगुड़ी के उपचुनाव में भाजपा की उम्मीदवार तापसी रॉय को 4,309 मतों के अंतर से हराया था। यह सीट पहले भाजपा विधायक बिष्णुपद रॉय के पास थी, जिनका जुलाई में निधन हो गया था।

इस समारोह में तापस रॉय और नवनिर्वाचित विधायक के परिवार के कुछ सदस्य मौजूद थे, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी इस अवसर पर नहीं आए।

रॉय के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर राजभवन और राज्य सरकार के बीच एक सप्ताह से अधिक समय से गतिरोध था और दोनों पक्ष इस कार्यक्रम का आयोजन करना चाहते थे। राज्य सरकार विधानसभा में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की इच्छुक थी और राज्यपाल चाहते थे कि यह राजभवन में आयोजित किया जाए। आखिर यह निर्णय लिया गया कि बोस शनिवार को राजभवन में शपथ ग्रहण कराएंगे।

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