देश की खबरें | पुणे के बार में ‘मादक पदार्थ’ से संबंधित वीडियो: अब तक 14 गिरफ्तार

पुणे/मुंबई, 24 जून पुणे के एक ‘बार’ (रेस्तरां) से कथित तौर पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए वीडियो की जांच के सिलसिले में महाराष्ट्र आबकारी विभाग ने रेस्तरां के छह कर्मचारियों (वेटर) को गिरफ्तार किया जिसके बाद गिरफ्तार किये गए लोगों की संख्या सोमवार शाम को 14 तक पहुंच गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इससे पहले, ‘बार’ तय समय सीमा से अधिक देर तक खुला पाये जाने पर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

महाराष्ट्र के पुणे शहर के फर्ग्यूसन कॉलेज रोड पर स्थित बार ‘लिक्विड लीजर लाउंज’ का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें ‘बार’ में कुछ लोग मादक द्रव्य जैसी सामग्री के साथ दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए संतोष कामठे, विट्ठल कामठे, योगेंद्र गिरासे, रवि माहेश्वरी, अक्षय कामठे, दिनेश मानकर, रोहन गायकवाड़, मानस मलिक को यहां की एक अदालत ने 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

वायरल वीडियो का हवाला देते हुए अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने होटल में अपने ग्राहकों को स्वापक पदार्थ दिया था और वे इस मामले की आगे जांच करना चाहते हैं।

अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर ग्राहकों को स्वापक पदार्थ, शराब और सिगरेट पीने के लिए होटल में आने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि पुलिस इन ग्राहकों के बारे में आगे की जांच करना चाहती है।

पुलिस ने अदालत में कहा कि वह युवकों के साथ-साथ वीडियो में दिख रहे नाबालिग का भी पता लगाना चाहती है।

पुलिस ने अदालत में बताया कि बार के शौचालय से नमूने एकत्र किए गए हैं और उन्हें स्वापक पदार्थ की मौजूदगी की जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही पुलिस ने बार के मालिकों और कर्मचारियों सहित आठ लोगों की हिरासत की मांग की।

शिवाजीनगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि शौचालय के कमोड के कवर से नमूने एकत्र किए गए हैं क्योंकि वीडियो में दिखाई दे रहा है कि लोग मादक पदार्थ जैसे पदार्थ का सेवन कर रहे थे।

पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि वे गिरफ्तार लोगों के रक्त के नमूने परीक्षण के लिए भेजना चाहते हैं ताकि पता लगाया जा सके कि उन्होंने मादक पदार्थ का सेवन तो नहीं किया था।

पुलिस ने अदालत में कहा कि आरोपियों में से एक इस कार्यक्रम के प्रबंधन अक्षय कामठे ने सोशल मीडिया मंच और व्हाट्सएप के माध्यम से इस ‘बार’ में लोगों को आने के लिए प्रोत्साहित किया और प्रवेश शुल्क के तौर पर ऑनलाइन माध्यम से तथा नकद रुपये लिये जिसकी आगे जांच की जानी चाहिए।

पुलिस के अनुसार रविवार को बार सुबह पांच बजे तक खुला था और तय समय सीमा से ज्यादा शराब बेची जा रही थी। पुणे में ‘बार’ और पब को रात एक बजकर 30 मिनट तक खुले रहने की अनुमति है।

बाद में शाम को राज्य आबकारी विभाग ने बताया कि ‘बार’ का लाइसेंस निलंबित कर दिया है और शराब भंडारण मानदंडों का कथित रूप से उल्लंघन करने के लिए छह वेटर को गिरफ्तार भी किया है।

इस बीच, पुणे से पहली बार निर्वाचित सांसद एवं केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर कहा कि तत्काल तौर पर निलंबन की कार्रवाई कर दी गई, लेकिन पुलिस आयुक्त को मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान शुरू करने और इसके लिए अलग से दल तैनात करने का भी निर्देश दिया गया है।

वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार से बात की और उन्हें अवैध पबों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने और भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी संरचनाओं को गिराने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि शिंदे ने पुलिस को पुणे को नशा मुक्त शहर बनाने के लिए मादक तस्करों के खिलाफ नए सिरे से कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया।

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