देश की खबरें | प्रवासी भारतीयों को परोक्ष मताधिकार की बहस पर विहिप पदाधिकारी का नपा-तुला जवाब

इंदौर (मध्यप्रदेश), 14 जुलाई प्रवासी भारतीयों को परोक्ष मतदान का अधिकार प्रदान किए जाने की बहस पर नपी-तुली टिप्पणी करते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के विदेश विभाग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने शुक्रवार कहा कि यह विमर्श ‘‘बेहद तकनीकी और संसदीय’’ विषय है।

विहिप के संयुक्त महासचिव स्वामी विज्ञानानंद ने प्रवासी भारतीयों को परोक्ष मताधिकार की बहस को लेकर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर इंदौर में संवाददाताओं से कहा,‘‘यह बहुत तकनीकी विषय है। यह संसद की बहस का विषय है।’’

विज्ञानानंद, विहिप में विदेशी मामलों के प्रमुख भी हैं।

उन्होंने कहा,‘‘हमारा हमेशा से यही मत रहा है कि प्रवासी भारतीयों को भारत में तमाम सुविधाएं मिलें जो उन्हें केंद्र सरकार ने प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) कार्ड प्रदान कर पहले ही दे रखी हैं।’’

विज्ञानानंद के मुताबिक, ओसीआई कार्ड प्रवासी भारतीयों को मताधिकार छोड़कर अधिकतर अधिकार प्रदान करता है।

विहिप पदाधिकारी ने दावा किया कि अलग-अलग वैश्विक सूचकांकों के नाम पर अल्पसंख्यकों की स्थिति, कुपोषण, भुखमरी और प्रेस की आजादी संबंधी झूठे आंकड़े पेश कर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार की लगातार कोशिश की जाती है।

उन्होंने यह दावा भी किया कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक भेदभाव के चलते हिंदू अल्पसंख्यकों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं।

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