देश की खबरें | गुजरात में अगले वर्ष से विद्यालयों में वैदिक गणित पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा

अहमदाबाद, 23 दिसंबर गुजरात सरकार ने कहा है कि राज्य के विद्यालयों में अगले वर्ष से वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। वैदिक गणित को लेकर दावा किया जाता है कि यह अंकगणितीय समस्याओं को हल करने का एक आसान और तेज तरीका है।

शिक्षा मंत्री जीतू वाघानी ने बुधवार को प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती पर यह घोषणा की।

रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को हुआ था।

वाघानी ने देर रात ट्वीट किया, ''महान भारतीय गणितज्ञ रामानुजन के जन्मदिन को भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्य सरकार ने स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से वैदिक गणित पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है।''

मंत्री ने कहा कि इस विषय को शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से छठी से 10वीं कक्षा में "राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परिकल्पित भारतीय ज्ञान प्रणाली का प्रसार" करने के लिए पेश किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा, "वैदिक गणित विषय पर छात्रों की पकड़ में सुधार करेगा और विषय को समझने में भी आसानी होगी। यह गणित में छात्रों की रुचि को जगाएगा। ।"

वैदिक गणित एक प्राचीन भारतीय पद्धति है जो अंकगणितीय संक्रियाओं को 16 'सूत्रों' या फॉर्मुलों में एकीकृत करके गणित को सरल बनाती है।

वैदिक गणित के समर्थक दावा करते हैं कि यह जटिल समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक चरणों की संख्या को कम करके समाधान को प्राप्त करने के समय को कम करता है और कई दृष्टिकोण प्रदान करता है।

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