ताजा खबरें | बर्ड फ्लू के खिलाफ टीके के इस्तेमाल को अनुमति नहीं दी गई: सरकार

नयी दिल्ली, पांच फरवरी भारत ने बर्ड फ्लू के खिलाफ किसी भी टीके के उपयोग की अनुमति नहीं दी है और न ही अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे अन्य देशों ने इस तरह के किसी भी टीके को मंजूरी दी है। सरकार ने संसद को शुक्रवार को यह जानकारी दी।

केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री संजीव कुमार बाल्यान ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (ओआईई) के अनुसार, अगर रोग का उन्मूलन ही अपेक्षित परिणाम है, तो टीकाकरण को एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के नियंत्रण के लिए समाधान नहीं माना जा सकता है।’’

उन्होंने कहा कि जिन कुक्कुटों का टीकाकरण किया जाता है, वहां निगरानी तंत्र, कड़ी जैव सुरक्षा आदि के बिना वायरस के स्थानीय रूप लेने की आशंका होती है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में वायरस के लंबे समय तक बने रहने से वायरस में एंटीजेनिक और आनुवांशिक दोनों परिवर्तन हो सकते हैं और यह कई देशों में हुआ भी है।

मंत्री ने आगे बताया कि टीकाकरण के लंबे समय तक उपयोग से या तो रोग स्थानीय बन सकता है और इसलिए व्यापक हो सकता है, या प्रभावित जानवरों में संक्रमण का पता लगाना बहुत मुश्किल हो सकता है।

एक अलग प्रश्न के उत्तर में, मंत्री ने कहा कि 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों - केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू एवं कश्मीर में व्यावसायिक रूप से पाले जाने वाले पक्षियों और जंगली पक्षियों के बीच बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है।

उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र ने बर्ड फ्लू के नियंत्रण के लिए इन 14 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को 103.56 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)