देश की खबरें | निर्देशों के तहत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल हो : नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल
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नयी दिल्ली, 28 मई नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने बृहस्पतिवार को कहा कि वर्तमान में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का फायदा है कि यह किसी तरह के जोखिम को ‘‘कम’’ करती है। हालांकि उन्होंने जोर दिया कि वैज्ञानिक बिरादरी द्वारा दिए गए सुझाव और निर्देशों के तहत ही इसका इस्तेमाल होना चाहिए ।

उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रणी मोर्च पर काम कर रहे कर्मियों तथा प्रायोगिक आधार पर मरीजों को यह दवा देने की सिफारिश की है।

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सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर प्रायोगिक आधार पर इस दवा का इस्तेमाल अस्थायी रूप से स्थगित करने के डब्ल्यूएचओ के फैसले के बाद कोविड-19 के मामलों में एचसीक्यू के इस्तेमाल पर सरकार के रूख को लेकर उनसे सवाल पूछा गया ।

इस पर पॉल ने कहा कि आईसीएमआर के निर्देशों के तहत तमाम सावधानी बरतते हुए इसका इस्तेमाल होना चाहिए ।

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पॉल अधिकार प्राप्त समूह -एक के भी अध्यक्ष हैं।

पॉल ने कहा, ‘‘वर्तमान में उपलब्ध आंकड़ों और जानकारी के मुताबिक, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन का फायदा है कि यह जोखिम को कम करती है। हम चाहते हैं कि वैज्ञानिक बिरादरी के निर्देशों और सिफारिशों के आधार पर इसका इस्तेमाल होना चाहिए। ’’

उन्होंने कहा कि केवल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ही एक मंच नहीं है जहां दवा को आजमाया गया है । कुछ अन्य देशों में भी कोविड-19 के संभावित उपचार के तौर पर इसे आजमाया जा रहा और इस पर विचार किया जा रहा है।

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