देश की खबरें | सीएएमपीए कोष का इस्तेमाल वनरोपण के लिये करें, वेतन के लिये नहीं : जावड़ेकर
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 17 अगस्त ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को राज्यों से अनुरोध किया कि वे सीएएमपीए कोष का इस्तेमाल खास तौर पर वनरोपण के लिये करें, न कि वेतन के भुगतान के लिये।

राज्यों के वन मंत्रियों के साथ आनलाइन बैठक में जावड़ेकर ने कहा कि क्षतिपूरक वनीकरण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) कोष का 80 प्रतिशत सिर्फ वनरोपण और पौधरोपण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा जबकि शेष का इस्तेमाल क्षमता निर्माण के लिये किया जाएगा।

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बैठक का विवरण साझा करते हुए जावड़ेकर ने कहा, “राज्यों के वन मंत्रियों की बैठक में एक बार फिर जोर दिया कि राज्यों को सीएएमपीए कोष का इस्तेमाल विशिष्ट रूप से वनरोपण और पौधरोपण के लिये करना चाहिए। सीएएमपीए कोष का इस्तेमाल वेतन के भुगतान, यात्रा भत्तों, चिकित्सा खर्चों आदि के लिये नहीं किया जाना चाहिए।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “सीएएमपीए कोष की 80 प्रतिशत रकम का इस्तेमाल वनरोपण और पौधरोपण के लिये किया जाना चाहिए। शेष 20 प्रतिशत का इस्तेमाल क्षमता निर्माण आदि के लिये हो।”

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राज्यों के साथ बैठक में पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सरकार बनों की गुणवत्ता और वृक्ष आच्छादन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है जिससे कार्बन स्टॉक (वातावरण से कार्बन को समेटने की क्षमता) को बढ़ाया जा सके। इसके लिये नीतियों और कार्यक्रमों में व्यापक बदलाव करने होंगे।

जावड़ेकर ने कहा कि मंत्रालय ने कई पहल की हैं जिनमें बड़े पैमाने पर पौधरोपण, नगर वन योजना के तहत शहरी क्षेत्र में वनावरण बढ़ाना आदि शामिल है।

जावड़ेकर ने कहा, “मंत्रालय जल्द ही स्कूल नर्सरी योजना को लागू करने की घोषणा करने जा रहा है।”

जावड़ेकर ने कहा कि यह प्रयास राष्ट्रीय वन नीति, राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित प्रतिबद्धताओं और वन क्षेत्र को फिर से बहाल करने के लिये तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

मंत्रालय के प्रवक्ता गौरव खरे ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य यह था कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिये केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहलों में राज्यों की सहभागिता और समन्वय सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि राज्यों ने इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों को लेकर उत्साह दिखाया है और कहा कि वे इस प्रयास में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का सहयोग करेंगे।

इस बैठक में केंद्र सरकार की नगर वन योजना समेत विभिन्न पहलों पर चर्चा हुई। इस योजना के तहत वन भूमि पर 200 नगर वन विकसित करने की योजना है।

मंत्रालय ने कहा कि स्कूल नर्सरी योजना का उद्देश्य स्कूली छात्रों को नर्सरी और पौधरोपण अभियान से जोड़ना है।

खरे ने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य छात्रों के मस्तिष्क में वन एवं पर्यावरण को लेकर भावना पैदा करना है।”

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