नवंबर में सैनिकों की संख्या कम करने का आदेश देने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या 19 साल में सबसे कम हो गई है। बहरहाल, उन्होंने सैनिकों की संख्या का जिक्र नहीं किया। पिछले साल फरवरी में ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सैनिकों की संख्या चरणबद्ध तरीके से कम करने और 2021 तक सैनिकों की पूरी तरह वापसी को लेकर तालिबान के साथ समझौता किया था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आने वाला बाइडन प्रशासन इस संबंध में आगे क्या फैसला लेगा।
नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन अफगानिस्तान में छोटा आतंकवाद-रोधी बल तैनात रखने की वकालत कर चुके हैं ताकि अल-कायदा जैसे चरमपंथी समूह अमेरिका पर हमले न कर पाएं। अब अफगानिस्तान को लेकर उनके सामने कई सवाल हैं।
एक सवाल यह है कि क्या वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्या में कटौती की राह पर आगे बढ़ेंगे?
ट्रंप ने अपने संक्षिप्त बयान में अफगानिस्तान से बाहर निकलने की लंबे समय से चली आ रही इच्छा का जिक्र किया है।
उन्होंने अफगानिस्तान में 2001 में शुरू हुई जंग और 2003 से इराक में जारी युद्ध की ओर इशारा करते हुए कहा, ''मैं हमेशा से अंतहीन युद्ध को समाप्त करने को लेकर प्रतिबद्ध रहा हूं।''
हालांकि वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अफगानिस्तान में तेजी से सैनिकों की संख्या कम करने को लेकर आगाह किया है।
कार्यवाहक रक्षा मंत्री क्रिस्टोफर मिलर ने नवंबर 2017 को घोषणा की थी कि वह ट्रंप के आदेश पर अमल कर रहे हैं। नतीजतन, सैन्य कमांडर बीते कुछ सप्ताह में 1,500 से अधिक सैनिकों को अफगानिस्तान से वापस बुला चुके हैं। ट्रंप के आदेश के अनुसार कमांडर इराक में अमेरिकी सैनिकों की संख्या भी 3,000 से कम करके 2,500 कर चुके हैं।
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