वाशिंगटन, 10 जुलाई अमेरिका ने चीन के मुस्लिम बहुसंख्यक शिंजियांग प्रांत में उइगुर समुदाय के लोगों, कजाख तथा अल्पसंख्यक समुदाय के अन्य लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप में चीन के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया है साथ ही उनके वीजा पर भी पाबंदियां लगाई हैं। इन अधिकारियों में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का एक क्षेत्रीय प्रमुख भी शामिल है।
चीन पर संसाधन संपन्न उत्तर पश्चिम प्रांत में उइगुर समुदाय के लोगों को सामूहिक तौर पर हिरासत में रखने,धार्मिक उत्पीड़न और जबरन नसबंदी के आरोप हैं।
यह भी पढ़े | WHO ने कोविड-19 के वायु संक्रमण की पुष्टि करते हुए जारी की ये नई गाइडलाइन्स, कहा- अभी और शोध की जरूरत है.
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की ओर से जारी बयान में तीन वरिष्ठ अधिकारियों शिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र के कम्युनिस्ट पार्टी सचिव और शक्तिशाली पोलित ब्यूरो के सदस्य चेन क्वांगो, शिंजियांग राजनीतिक और कानूनी समिति के पार्टी सचिव झू हेइलुन और शिंजियांग सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो के पार्टी सचिव वांग मिंगशान के नाम शामिल हैं।
अमेरिका के इस कदम के परिणामस्वरूप ये अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य अमेरिका में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इन सब के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक लेने देन अमेरिका में अपराध की श्रेणी में आएगा और अमेरिका में उनकी संपत्तियां जब्त की जाएंगी।
यह भी पढ़े | प्रधानमंत्री के. पी शर्मा ओली के भविष्य पर फैसला, नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक एक हफ्ते के लिए स्थगित.
पोम्पिओ ने कहा,‘‘अमेरिका शिंजियांग में भयानक और सुनियोजित दुर्व्यवहार के खिलाफ आज कार्रवाई कर रहा है और उन सभी राष्ट्रों से,जो मानव अधिकारों और मूलभूत स्वतंत्रता पर सीसीपी के हमलों पर हमारी चिंताओं को साझा करते हैं, उनसे इस बर्ताव की निंदा करने की मांग करते हैं।’’
एक अलग बयान में वित्त मंत्री स्टीवन मनुचिन ने कहा कि अमेरिका शिंजियांग और दुनिया भर में मानवाधिकारों का हनन करने वालों को जिम्मेदार ठहाराने के लिए अपनी आर्थिक शक्तियों का पूरा इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY