विदेश की खबरें | अमेरिका ने तेल उत्पादन को लेकर ओपेक प्लस के फैसले को ‘भूल’ करार दिया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वाशिंगटन, 19 अक्टूबर अमेरिका ने कहा है कि पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और उसके सहयोगियों का तेल उत्पादन में कटौती का फैसला एक भूल है, जिससे रूसियों को फायदा हुआ है और अमेरिका, सऊदी अरब के साथ अपने संबंधों का फिर से मूल्यांकन करने जा रहा है।

तेल की कीमतों में गिरावट के बीच ओपेक के सदस्य और उसके रूसी नेतृत्व वाले सहयोगी इस महीने की शुरुआत में तेल उत्पादन में बड़ी कटौती करने पर सहमत हुए थे।

13 देशों के संगठन ओपेक और उसके रूसी नेतृत्व वाले 10 सहयोगी वियना में हुई बैठक में नवंबर से प्रतिदिन 20 लाख बैरेल की कटौती पर सहमत हुए थे। 2020 में कोविड-19 महामारी के बाद से तेल उत्पादन में यह सबसे बड़ी कटौती है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन पियरे ने मंगलवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ओपेक प्लस ने पिछले हफ्ते जो निर्णय लिए, हमारा मानना ​​है कि वे रूसियों के पक्ष में और अमेरिकी लोगों व दुनिया भर के परिवारों के हितों के खिलाफ थे।’’

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम मानते हैं कि यह निर्णय निम्न-आय वाली अर्थव्यवस्था वाले देशों को आहत करने और नुकसान पहुंचाने वाला है। यह गुमराह करने वाला फैसला है और यह एक भूल है तथा अदूरदर्शी निर्णय है।’’

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन सऊदी अरब के साथ अपने संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रशासन की शुरुआत से ही उन्होंने इसकी बात की है। सऊदी अरब के साथ अपने संबंधों की बात करें तो वह इसे द्विदलीय तरीके से करना चाहते हैं, जैसा कि पिछले आठ दशकों से किया गया है।’’

प्रेस सचिव ने इस संबंध में अधिक जानकारी साझा किए बिना कहा, ‘‘इसलिए, वह इसे एक व्यवस्थित तरीके से, रणनीतिक तरीके से करने जा रहे हैं।’’

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