अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस के लिए “चीन वायरस’’ का इस्तेमाल किया था। गुंटेर ने लापरवाही से और अकारण इसमें आइसलैंड को जोड़ कर सांसदों को आक्रोशित किया है।
यह टिप्पणियां किसी भी लिहाज से कूटनीतिक नही लगती हैं। गुंटेर कोई प्रशिक्षित राजनयिक हैं भी नहीं। वह त्वचा रोग विशेषज्ञ हैं। लेकिन वह ट्रंप अभियान में योगदान दे चुके हैं और इसी वजह से उन्हें रेक्जाविक में यह पद भी मिला है।
गुंटेर और राजनीतिक पहुंच रखने वाले दूसरे अमेरिकी राजदूतों की कार्रवाइयां उन्हें प्रतिष्ठित कूटनीतिक तैनातियां सौंपे जाने की जोखिमों को दर्शाती हैं।
वहीं, ब्रिटेन में राजदूत रॉबर्ट “वूडी” जॉनसन पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने गोल्फ के ब्रिटिश ओपन के आयोजन को स्कॉटलैंड में ट्रंप रिजॉर्ट की तरफ ले जाने की कोशिश की और उन्होंने नस्ली एवं लैंगिक टिप्पणियां भी की।
पिछले हफ्ते नीदरलैंड में राजदूत पीटर होइकस्त्रा ने एक कब्रिस्तान में अपने जाने की तस्वीर पोस्ट की। यह कब्रिस्तान दो विश्व युद्धों में मारे गए जर्मनी के सैनिकों का है और उसमें देश पर कब्जा करने वाले नाजी सैनिकों की भी कब्र है।
अन्य राजदूत अपने से ज्यादा अनुभवी लेकिन कम वरिष्ठ कूटनीतिक स्टाफ पर अन्यायपूर्ण तरीके से दबंगई दिखाते हैं।
पूर्व करियर विदेश सेवा अधिकारी, पनामा की राजदूत एवं अमेरिकी राजनयिकों का प्रतनिधित्व करने वाले संघ अमेरिकी विदेश सेवा संगठन की अध्यक्ष बारबरा स्टीफनसन ने कहा, “अमेरिका गैर अनुभवी और अयोग्य राजदूतों को भेजने में बेहद अलग रवैया अपनाता है।’’
राष्ट्रपति के राजनीतिक समर्थक राजदूत बन सकते हैं और कई बने भी हैं। राष्ट्रपति के साथ अच्छे रिश्ते और उनके एजेंडा की अच्छी समझ रखना लाभकारी साबित हो सकता है।
एपी
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