जयपुर, 24 जुलाई राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा व भारतीय जनता पार्टी भाजपा के विधायक मदन दिलावर को सदन में उनके “अमर्यादित” आचरण के लिए सोमवार को विधानसभा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। सदन में सोमवार को कई बार ‘हंगामेदार व असहज दृश्य’ देखने को मिले जिसकी शुरुआत शून्यकाल के दौरान गुढ़ा द्वारा एक कथित ‘लाल डायरी’ का मुद्दा उठाने से हुई।
गुढ़ा व बाद में भाजपा विधायकों की नारेबाजी व हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन ने चार संकल्प विचार (प्रस्ताव) भी पारित किए जिनमें से एक में केंद्र सरकार से आग्रह किया किया गया है कि वह मणिपुर में शांति स्थापना के लिए सभी जरूरी कदम अविलंब उठाए।
सदन की कार्यवाही अब दो अगस्त को होगी।
दरअसल सदन में 'लाल डायरी' को लेकर हंगामा शून्यकाल के दौरान शुरू हुआ। शुक्रवार को बर्खास्त मंत्री गुढ़ा सदन में दाखिल हुए और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी के आसन के सामने पहुंच गए। उन्होंने लाल रंग की 'डायरी' लहराते हुए मांग की कि उन्हें बयान देने की अनुमति दी जानी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष जोशी ने गुढ़ा के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई और उन्हें बार-बार उनके कक्ष में मिलने के लिए कहा। इस बीच भाजपा विधायकों ने भी नारेबाजी तथा हंगामा शुरू कर दिया और लाल रंग की ‘प्रतीकात्मक’ डायरियां लहराईं।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल बयान देने के लिए उठे तो गुढ़ा आक्रामक रूप से उनकी ओर बढ़े और उनके माइक्रोफोन पर हाथ मार दिया। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने तुरंत गुढ़ा को धक्का दिया तो मंत्री रामलाल जाट और अन्य कांग्रेस विधायक भी आगे आ गए और गुढ़ा को घेर लिया। इनके बीच धक्का मुक्की होती दिखी।
यह हंगामा चल ही रहा था कि जोशी ने मार्शलों को गुढ़ा को सदन से बाहर ले जाने का आदेश दिया और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। सदन दोपहर दो बजे फिर बैठा तो अध्यक्ष जोशी ने सूचीबद्ध कामकाज शुरू किया। भाजपा विधायकों फिर हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए सदन कूप में आ गये। इस दौरान गुढ़ा सदन में मौजूद नहीं थे।
हंगामे के बीच सदन ने कोटा विकास प्राधिकरण विधेयक 2023 सहित कई विधेयक पारित किए। ये विधेयक पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही फिर एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।
इसके बाद जब सदन बैठा तो संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने मणिपुर के हालात को लेकर संकल्प प्रस्ताव रखा जब वे प्रस्ताव पढ़ रहे तो भाजपा के विधायक मदन दिलावर ने उनके पास आने की कोशिश की। सत्ता पक्ष कुछ विधायक ओर मंत्री भी वहां आ गये। अध्यक्ष जोशी ने भाजपा विधायक को बाहर निकालने के लिये मार्शलों से कहा। मार्शलों और भाजपा के विधायकों में तनातनी हो गई और अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई एक बार फिर आधे घंटे के लिये स्थगित कर दी।
इसके बाद कार्यवाही शुरू हुई तो सरकार की ओर से मणिपुर घटनाक्रम, ईआरसीपी, किसान ऋण माफी एवं जातिगत जनगणना से सम्बन्धित चार अलग-अलग संकल्प प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किये गए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल ने सदन में गुढ़ा व दिलावर को अमर्यादित आचरण, आसन की अवहेलना तथा अनुशासनहीनता के कारण विधान सभा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन द्वारा ध्वनिमत से पारित किया गया।
इससे पहले सुबह के घटनाक्रम के बाद में विधानसभा से बाहर गुढ़ा ने कहा कि वह अपनी 'लाल डायरी' टेबल करना चाहते थे लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। गुढ़ा ने कहा, “अध्यक्ष ने मुझे बोलने की इजाजत नहीं दी। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल जी ने बोलना शुरू किया। मैंने धारीवाल जी से कहा कि मैं बोलना चाहता हूं मुझे बर्खास्त किया गया है।”
डायरी के बारे में गुढ़ा ने कहा,सारा का सारा आर्थिक लेनदेन दो नंबर में हुआ धर्मेंद्र राठौड़ के द्वारा। मुख्यमंत्री जी का नाम लिखा है उसके अंदर। सरकार के संकट के समय...पैसा आया कहां से, पैसा गया कहां सब कुछ था उसमें।” हालांकि मीडिया के बार-बार कहने के बावजूद गुढ़ा ने अपने पास मौजूद डायरी को खोलकर नहीं दिखाया।
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पत्रकारों से कहा कि सदन में जो हुआ वह शर्मनाक है। राठौड़ ने कहा, “गुढ़ा बयान देना चाहते थे और उन्हें अनुमति दी जानी चाहिए थी।”
वहीं नयी दिल्ली में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मीडिया से कहा, ‘‘उस लाल डायरी में ऐसा क्या है जो पूरी सरकार में ‘घबराहट’ है। राजस्थान का हर व्यक्ति इसका रहस्य जानना चाहता है।’’ उन्होंने दावा किया कि अगर गुढ़ा द्वारा उजागर की गई डायरी की सामग्री सामने आ गई तो कई नेताओं का राजनीतिक वजूद खतरे में पड़ जाएगा।
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