देश की खबरें | उप्र: नैमिषारण्य के पास सपा कार्यकर्ताओं की बैठक शुरू

सीतापुर/लखनऊ (उप्र), नौ जून समाजवादी पार्टी (सपा) ने शुक्रवार को हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थल नैमिषारण्य से पार्टी के दो दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन की शुरुआत की, जिसमें अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और नीतियों की जानकारी दी गयी।

दो दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि असुरों के विनाश की शुरुआत नैमिषारण्य से हुई थी।

अपने उद्घाटन भाषण में रामगोपाल यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा, " नैमिषारण्य में समाजवादी पार्टी के प्रशिक्षण शिविर का संदेश है-असुरों का विनाश होगा। भाजपा असुर है और यह शिविर उसके विनाश के शस्त्र के रूप में काम करेगा।''

सीतापुर से सपा के पुराने नेताओं का स्मरण करते हुए रामगोपाल यादव ने उन्हें नमन किया और कहा, ‘‘समाजवादियों का इतिहास बहुत पुराना और शानदार रहा है। आज की पीढ़ी को अपने नेताओं के संघर्ष और स्वर्णिम अतीत को जानना चाहिए। तभी स्वर्णिम भविष्य बनेगा।’’

उन्‍होंने कहा, ‘‘आजादी की लड़ाई में समाजवादियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एक समय देश में बड़े-बड़े समाजवादी नेता थे। महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश से बड़े-बड़े समाजवादी नेता रहे।’

रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कानून नाम की चीज नहीं बची है और अन्याय की पराकाष्ठा हो गयी है।

सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने जोर देकर कहा कि भाजपा तुष्टीकरण की राजनीति करती है और दोहरा मापदंड अपनाती है, लेकिन सपा एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है।

उन्होंने भी नैमिषारण्य के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि राक्षसों के विनाश के लिए नैमिषारण्य के एक पवित्र स्थान पर शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

शिविर आयोजित करने के लिए सपा द्वारा नैमिषारण्य के चयन ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी द्वारा ‘‘नरम हिंदुत्व’’ का सहारा लेने की अटकलों को हवा दी है।

नैमिषारण्य में आयोजित शिविर में करीब 5000 पार्टी कार्यकर्ता दो दिनों के दौरान राम गोपाल यादव, शिवपाल यादव, नरेश उत्तम, राम अचल राजभर और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे जिसके बाद प्रशिक्षण शिविर का समापन होगा।

शिवपाल यादव ने पत्रकारों से कहा कि नैमिषारण्य के पवित्र स्थान पर चूंकि प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, इसलिए असुरों का विनाश निश्चित रूप से होगा।

समाजवादी पार्टी के नरम हिंदुत्व की ओर बढ़ने से जुड़े विशिष्ट सवालों पर शिवपाल यादव ने कहा, "यह भाजपा है जो तुष्टीकरण की राजनीति करती है, क्योंकि वह दोहरे मानकों वाली पार्टी है। सपा एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है।"

शिवपाल ने कहा, ''भाजपा का दोहरा चरित्र है ऐसे शिविर सभी जनपदों में होंगे। भाजपाई इस पर दुष्प्रचार करते हैं जबकि समाजवादी पार्टी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उन्होंने एकजुट होकर 2024 के चुनाव तैयारी करने पर बल दिया।''

राष्ट्रीय महासचिव लालजी वर्मा ने प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पिछड़ों और दलितों का हिस्सा हड़प रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘नौकरियों में भाजपा नियमानुसार आरक्षण नहीं दे रही है। समाज के सभी जातियों को हक और सम्मान देने के लिए जातीय जनगणना जरूरी है।''

सपा मुख्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन पूर्व मंत्री नरेन्द्र वर्मा ने स्वागत भाषण किया। राष्ट्रीय महासचिव इन्द्रजीत सरोज, स्वामी प्रसाद मौर्य, राम अचल राजभर, प्रो. सुधीर पंवार, जूही सिंह और राजीव निगम ने भीअपने विचार रखे।

गौरतलब है कि राज्य में पिछले साल के विधानसभा चुनाव से पहले रायबरेली के पास हनुमान मंदिर में अखिलेश द्वारा की गई पूजा-अर्चना को नरम हिंदुत्व के जरिए प्रतिद्वंद्वी भाजपा का मुकाबला करने के उनके प्रयासों के रूप में देखा गया था।

पार्टी के नेताओं का मानना है कि यह शिविर 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू करने के लिए एक रणनीतिक कदम है और इसे यहां आयोजित करना पार्टी की भविष्य की रणनीति का एक मजबूत संकेत देने का प्रयास है।

उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीट हैं ।

समाजवादी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बूथ प्रबंधन और अपने काडर के लिए अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है।

सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, ‘‘बूथ प्रबंधन से लेकर 2024 के लोकसभा चुनाव के प्रबंधन तक इस कार्यक्रम के दौरान गंभीर चर्चा होगी। समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रशिक्षुओं को शनिवार को संबोधित करेंगे।’’

पहला प्रशिक्षण शिविर पांच जून को लखीमपुर खीरी में और दूसरा प्रशिक्षण शिविर सीतापुर में आयोजित किया गया।

सं आनन्द संजय

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