देश की खबरें | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ई-अदालत परियोजना के तीसरे चरण को मंजूरी दी

नयी दिल्ली, 13 सितंबर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय क्षेत्र की योजना के तहत ई-अदालत परियोजना के तीसरे चरण को बुधवार को अपनी मंजूरी प्रदान की। परियोजना के इस चरण पर करीब चार वर्षों में 7,210 करोड़ रुपये की लागत आयेगी।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

उन्होंने कहा कि ई-अदालत मिशन प्रारूप परियोजना प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की दृष्टि के अनुरूप प्रौद्योगिकी का उपयोग कर न्याय को सुगम एवं सुलभ बनाने की एक पहल है।

ठाकुर ने बताया कि ई-अदालत का उद्देश्य ऑनलाइन और कागजरहित अदालतों की स्थापना करना है, ताकि न्यायिक व्यवस्था को सुलभ व पारदर्शी बनाया जा सके।

इसके तहत अदालत परिसरों में 4400 ई-सेवा केंद्रों की स्थापना की जायेगी।

सरकारी बयान के अनुसार, इसके प्रथम चरण और द्वितीय चरण के लाभों को अगले स्तर पर ले जाते हुए, ई-कोर्ट चरण-3 का उद्देश्य विरासत रिकॉर्ड सहित पूरे न्यायालय रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के माध्यम से डिजिटल, ऑनलाइन और पेपरलेस कोर्ट की दिशा में आगे बढ़ते हुए न्याय की अधिक से अधिक आसान व्यवस्था शुरू करना है।

इसमें कहा गया है कि अदालती प्रक्रियाओं में उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग उन्हें अधिक कुशल और प्रभावी बना देगा, जिससे लंबित मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

दीपक दीपक पवनेश

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