जरुरी जानकारी | सुपरटेक ऋण शोधन मामले में यूनियन बैंक ने बेहतर निपटान योजना देने को कहा

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष कहा है कि कर्ज में डूबी रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक लि. को ऐसी निपटान योजना पेश करनी चाहिए जिसमें बकाया मद में निश्चित शुरुआती भुगतान का ब्योरा हो। कंपनी के खिलाफ ऋण शोधन कार्यवाही चल रही है।

कंपनी को कर्ज देने वाले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की अर्जी पर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने सुपरटेक लि. के खिलाफ ऋण शोधन समाधान कार्यवाही शुरू करने का निर्णय किया है।

एनसीएलटी के ऋण शोधन कार्यवाही आदेश के बाद सुपरटेक लि. के प्रवर्तकों ने अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष निर्णय को चुनौती दी है।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की दिल्ली पीठ ने करीब 432 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान नहीं होने के मामले में यूबीआई की याचिका पर 25 मार्च को सुपरटेक लि. के खिलाफ खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया था।

आदेश को सुपरटेक समूह की कंपनी सुपरटेक लि. के निलंबित निदेशक मंडल के सदस्य आर के अरोड़ा ने चुनौती दी है।

मंगलवार को हुई सुनवाई में अपीलीय न्यायाधिकरण ने ऋण शोधन अक्षमता कार्यवाही के तहत कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) गठित करने पर रोक की अवधि दो मई तक के लिये बढ़ा दी है। अरोड़ा के वकील ने बैंक को बेहतर प्रस्ताव देने के लिये एक और मौका देने का आग्रह किया था।

यूबीआई ने कहा कि उसे सुपरटेक के प्रवर्तकों से प्रस्ताव मिले थे, लेकिन उसने उसे खारिज कर दिया।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा, ‘‘...बैंक के वकील आलोक कुमार ने कहा है कि अगर कोई प्रस्ताव आता है, तो उसमें शुरुआती भुगतान की बात होनी चाहिए। साथ ही भुगतान बहुत लंबी अवधि में किये जाने की बात नहीं होनी चाहिए जैसा कि अपीलकर्ता (अरोड़ा) ने पहले सुझाव दिया था।’’

अरोड़ा के वकील ने कहा कि वे अपने वित्तीय कर्जदाताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं और कुछ शुरुआती भुगतान की पेशकश भी की है। उन्होंने बैंक से बातचीत के लिये एक और मौका देने का आग्रह किया।

अनुरोध को स्वीकार करते हुए चेयरमैन न्यायाधीश अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों की बातों पर गौर करने के बाद, हम मामले की सुनवाई दो मई, 2022 तक स्थगित करते हैं।’’

पीठ ने कहा, ‘‘इस बीच, अंतरिम आदेश जारी रहेगा।’’

इससे पहले, अपीलीय न्यायाधिकरण ने कंपनी के आग्रह पर रोक की अवधि मंगलवार तक बढ़ा दी थी। कंपनी ने बैंक से बातचीत के लिये संपर्क करने को लेकर एक सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया था।

एनसीएलटी ने सुपरटेक लि. के निदेशक मंडल को भंग कर हितेश गोयल को अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया हुआ है।

कर्ज में चूक उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा (पश्चिम) में इको विलेज-दो परियोजना के लिये दिये गये ऋण से संबंधित है। परियोजना को 1,106.45 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)