विदेश की खबरें | पूर्वी शहर पर रूसी हमले की आशंका के बीच यूक्रेनी सैनिक स्थिति मजबूत करने में जुटे
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

स्लोवियांस्क के पूर्व, दक्षिण पूर्व और उत्तर में कुछ किलोमीटर की दूरी पर अग्रिम पंक्ति पर भीषण जमीनी जंग जारी है। ऐसे में यूक्रेन की निप्रो-एक रेजीमेंट के सदस्य सप्ताह भर के अपेक्षाकृत शांत माहौल के बाद अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुट गये हैं।

इस शहर पर इसके पहले रूसी हमला 30 जुलाई को हुआ था। स्वयंसेवक राष्ट्रीय गार्ड रेजिमेंट के प्रमुख कर्नल यूरी बेरेजा ने शुक्रवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि ‘‘मुझे लगता है कि यह लंबे समय तक शांत नहीं रहेगा। आखिरकार, एक हमला होगा।’’ उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण अभी कीचड़ है, लेकिन दो-तीन में जब यह सूख जाएगा तब हमले की आशंका बढ़ जाएगी।

मॉस्को की महत्वाकांक्षा पूरे दोनेत्स्क क्षेत्र पर कब्जे की है और इस लिहाज से स्लोवियांस्क को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनेत्स्क क्षेत्र पूर्वी यूक्रेन में है, जो मुख्य रूप से रूसी भाषी क्षेत्र है। दोनेत्स्क के 60 फीसदी भूभाग पर रूसी सेना और मास्को समर्थक अलगाववादी संगठनों का कब्जा है।

दोनेत्स्क और पड़ोसी लुहान्स्क प्रांत, जिसे रूस ने लगभग पूरी तरह से कब्जा कर लिया है, एक साथ औद्योगिक डोनबास क्षेत्र बनाते हैं।

स्लोवियांस्क पर कब्जा से और अधिक क्षेत्र रूसी नियंत्रण में आ जाएंगे, लेकिन यह मास्को के लिए एक प्रतीकात्मक जीत होगी।

यूक्रेन में रूसी हमले से पहले स्लोवियांस्क में एक लाख लोग रहा करते थे, लेकिन अब केवल 20 हजार निवासी बचे हैं। इस शहर में महीनों से गैस और पानी की आपूर्ति ठप है और लोग कुओं से पानी निकालकर पी रहे हैं।

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