Russia Ukraine: यूक्रेन संकट ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बना दिया : पेलोसी
नैन्सी पेलोसी ने सोमवार को दक्षिण फ्लोरिडा के मियामी बीच पर आयोजित एक जलवायु सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान यह बात कही. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि सभा ने जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए पहले ही एक कानून पारित कर दिया है और वह इसे सीनेट की मंजूरी दिलाने के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही दलों के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रही हैं.
नैन्सी पेलोसी ने सोमवार को दक्षिण फ्लोरिडा के मियामी बीच पर आयोजित एक जलवायु सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान यह बात कही. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि सभा ने जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए पहले ही एक कानून पारित कर दिया है और वह इसे सीनेट की मंजूरी दिलाने के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही दलों के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रही हैं. इस महीने की शुरुआत में यूक्रेन का दौरा करने वालीं पेलोसी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन हमेशा से ही स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन देशों ने भी रूस से तेल खरीदा है, जिनमें अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश भी शामिल हैं, उन देशों ने वास्तव में अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन पर हमले को प्रभावी ढंग से वित्त पोषित किया है.
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अन्य घटनाक्रम
कीव : यूक्रेन की सेना के मुताबिक रूसी सेना ने सोमवार रात ओडेसा इलाके में एक शॉपिंग सेंटर और एक गोदाम को निशाना बनाकर हमला किया और कुल सात मिसाइलें दागीं. इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गयी जबकि पांच अन्य घायल हो गए.
कीव : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध की तरह यूरोपीय देशों को इस बारे में सोचना होगा कि एक बार फिर यूरोप में शांति कैसे स्थापित की जाए. जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप में युद्ध शुरू करने के लिए रूस को क्या कीमत चुकानी होगी, इस बात पर भी विचार किया जाना चाहिए. जेलेंस्की ने राष्ट्र के नाम अपने रेडियो संबोधन में कहा कि इतिहास इस युद्ध के लिए रूस को ही जिम्मेदार ठहराएगा. जेलेंस्की ने कहा, “ हम यूक्रेन के लोग अपनी सुरक्षा और जीत के अलावा न्याय की व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार काम करते रहेंगे. हमें आज, कल और उसके बाद भी यूक्रेन को आक्रमणकारियों से बचाना होगा.“ जेलेंस्की ने कहा, “ यूक्रेन का झंडा दोबारा फहराया जाएगा. क्योंकि यह हमारा देश है, एक स्वतंत्र यूरोपीय देश.” यह भी पढ़ें : शारदा यूनिवर्सिटी में हिंदुत्व पर आपत्तिजनक सवाल, यूजीसी ने विश्वविद्यालय को किया जवाब तलब
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वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को 40 अरब डॉलर की सहायता देने वाले प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर उसे मंजूरी प्रदान कर दी है. अमेरिका यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका की ऋण देने की इसी नीति के कारण द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी को हराने में मदद मिली थी. यूक्रेन को दी जाने वाली इस आर्थिक मदद को अमेरिका की रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है.
अमेरिकी कांग्रेस ने रूस के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए यूक्रेन को अरबों डॉलर की मदद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अमेरिका की ओर से यूक्रेन को 40 अरब डॉलर की सैन्य और मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. हालांकि, राष्ट्रपति बाइडन ने कांग्रेस से 33 अरब डॉलर की राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था.
अमेरिका के इस कदम को नौ मई को विजय दिवस परेड के दौरान रूस द्वारा किए गए शक्ति प्रदर्शन के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. गौरतलब है कि नौ मई, 1945 को जर्मनी ने बिना शर्त आत्मसमर्पण किया था. तत्कालीन सोवियत संघ की सेना की जीत की याद में रूस नौ मई को विजय दिवस के तौर पर मनाता है. बाइडन ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के बाद एक बयान में कहा, ‘‘युद्ध के मैदान में यूक्रेन की सफलता के लिए यह सहायता बेहद महत्वपूर्ण है.’’ बाइडन ने कहा कि युद्ध लड़ने में यूक्रेन की मदद के लिए भेजी जा रही सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति में किसी भी रुकावट से बचने के लिए संसद को अगले यूक्रेन सहायता पैकेज को 10 दिनों के भीतर मंजूरी देनी चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2022 11:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

