विदेश की खबरें | शमीमा बेगम मामले में ब्रिटेन सरकार को अपील की अनुमति मिली

लंदन, 31 जुलाई ब्रिटेन सरकार को अदालत के उस फैसले के खिलाफ अपील करने की शुक्रवार को अनुमति मिल गई जिसमें आंतकी संगठन आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) में शामिल होने वाली युवती शमीमा बेगम को ब्रिटेन लौटने की अनुमति दी गई थी।

बांग्लादेशी मूल की बेगम (20) उन तीन स्कूली लड़कियों में शामिल थी जो 2015 में आईएसआईएस में शामिल होने के लिए लंदन से भागकर सीरिया चली गईं थी।

यह भी पढ़े | उत्तर प्रदेश: गांव के टॉयलेट में मगरमच्छ दिखने से मचा हड़कंप, रेस्क्यू टीम की मदद से वापस नदी में छोड़ा गया.

ब्रिटेन की अपीली अदालत ने कहा कि देश में वापस आने से पहले यह मामला उच्चतम न्यायालय में जाना चाहिए क्योंकि इस मामले ने जन महत्व के कानून का एक मुद्दा उठाया जिसे केवल उच्चतम न्यायालय ही हल कर सकता है।

ब्रिटेन की अपीली अदालत में तीन न्यायाधीशों के पैनल की प्रमुख न्यायमूर्ति किंग ने अपील करने की अनुमति दी। इस पैनल में भारतीय मूल के न्यायाधीश रबीन्दर सिंह भी थे।

यह भी पढ़े | चुनाव में देरी नहीं चाहता लेकिन डाक मतपत्र से नतीजों में विलंब हो सकता है: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.

जुलाई के शुरू में बेगम को ब्रिटेन में आने की अनुमति मिल गई थी। साथ ही वह ब्रिटेन की सरकार के खिलाफ अपनी न्यायिक लड़ाई जारी रख सकती है, जिसने सुरक्षा कारणों से उसकी ब्रिटिश नागरिकता रद्द कर दी थी।

ब्रिटेन के वरिष्ठ न्यायाधीशों ने आदेश दिया था कि बेगम को ब्रिटेन में दोबारा प्रवेश करने और अपना मुकदमा लड़ने की अनुमति दी जाए।

वर्ष 2015 में आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए पूर्वी लंदन से छिपकर सीरिया जाने वाली बेगम उस समय 15 वर्ष की थी। इस समय वह उत्तरी सीरिया में कुर्द बलों द्वारा संचालित शिविर में रह रही है।

ब्रिटेन की अपीली अदालत ने कहा कि उसे निष्पक्ष सुनवाई से वंचित कर दिया गया क्योंकि वह शिविर से अपना मुकदमा नहीं लड़ सकती थी।

बेगम फरवरी 2015 में ब्रिटेन गई और तीन साल से अधिक समय तक आईएसआईएस के साथ रही।

वह एक तथाकथित आईएसआईएस दुल्हन के रूप में जानी जाती है क्योंकि उसने सीरिया पहुंचने के तुरंत बाद एक आईएसआईएस आतंकी यागो रिदिजक से शादी कर ली थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)