विदेश की खबरें | यूएई सरकार ने भारतीय व्यक्ति का वीजा जुर्माना माफ किया, वापस भेजा गया

दुबई, 15 सितम्बर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में बिना किसी दस्तावेज के 13 वर्ष से अधिक समय तक रहे एक भारतीय व्यक्ति को स्वदेश भेज दिया गया है। उसका वीजा जुर्माने का पांच लाख दिरहम भी माफ कर दिया गया। यह जानकारी मंगलवार को मीडिया की एक खबर से मिली।

‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार तेलंगाना के एक प्रवासी मजदूर पोतुगोंडा मेदी (47) ने यहां स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से सम्पर्क किया क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के बाद उसकी नौकरी चली गई थी।

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समाचारपत्र ने भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी जितेंद्र नेगी के हवाले से कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के दौरान वह हमारे पास आया क्योंकि उसे उस तरह के काम नहीं मिल पा रहे थे जो वह पहले आजीविका के लिए किया करता था।’’

समाचार पत्र के अनुसार पोतुगोंडा ने भारतीय मिशन को बताया कि वह 2007 में एक यात्रा वीजा पर खाड़ी देश आया था लेकिन उसके एजेंट ने उसे छोड़ दिया। एजेंट ने मेदी का पासपोर्ट भी नहीं लौटाया। भारतीय मिशन को मेदी की मदद करने में दिक्कत आ रही थी क्योंकि उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।

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वाणिज्य दूतावास ने हैदराबाद में एक परोपकार समूह की मदद ली और उसके परिवार का पता लगाया।

नेगी ने कहा, ‘‘सामाजिक कार्यकर्ता श्रीनिवास की मदद से हमें उसके पैतृक स्थान से उसके पुराने राशन कार्ड और चुनाव पहचान पत्र की प्रति मिल गई। इससे हमें पता चल गया कि वह भारतीय है।’’

वाणिज्य दूतावास द्वारा मेदी को एक मुफ्त हवाई टिकट मुहैया कराये जाने के बाद अधिकारियों ने यूएई सरकार के वीजा समाप्ति जुर्माना छूट योजना के तहत आवेदन किया।

योजना के अनुसार जिन विदेशियों की वीजा की अवधि एक मार्च 2020 के पहले समाप्त हो गई है वे 17 नवम्बर तक किसी वीजा जुर्माने का भुगतान किये बिना देश छोड़ कर जा सकते हैं।

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