विदेश की खबरें | अमेरिका में किरायेदारों को घर से निकाले जाने पर तीन अक्टूबर तक रोक

मंगलवार को जारी नयी रोक से लाखों किरायेदारों को मदद मिल सकती है क्योंकि कोरोना वायरस का डेल्टा स्वरूप फैल रहा है और राज्यों की संघीय किराया सहायता जारी करने की गति धीमी है।

दरअसल अमेरिका अपने उन किरायेदारों को धन मुहैया कराता है जो किराया देने में असमर्थ होते हैं तथा यह निधि मकान-मालिकों को दी जाती है।

बाइडन ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मंगलवार दोपहर को बेदखली पर नए प्रतिबंध की घोषणा नहीं की और इसकी जिम्मेदारी सीडीसी पर डाल दी। बाइडन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि नयी रोक लगने जा रही है।’’

इस रोक से उदारवादी डेमोक्रेटिक सांसदों के साथ गतिरोध को दूर करने में मदद मिल सकती है जो राष्ट्रपति से किरायेदारों को उनके घरों में ही रहने देने के लिए शासकीय कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

अमेरिकी सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा कि यह ‘‘अत्यधिक राहत’’ का दिन है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका में अंसख्य परिवारों की बेदखली और सड़कों पर निकाले जाने का डर खत्म हो गया है। मदद हो गयी है।’’

व्हाइट हाउस ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा था कि संघीय सरकार ने किराएदारों को उनके घरों में रहने देने के लिए 46.5 अरब डॉलर दिए हैं। उसने लेकिन राज्यों एवं शहरों पर “धीमी कार्रवाई” करने का आरोप लगाया है जो इस सहायता राशि को उन किराएदारों तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं जिनकी आजीविका के साधन वैश्विक महामारी के कारण छिन गए हैं।

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