देश की खबरें | दिल्ली में बब्बर खालसा के दो सदस्य गिरफ्तार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में गोलीबारी के बाद प्रतिबंधित आतंकवादी समूह बब्बर खालसा इंटरनेशनल के दो संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, सात सितंबर उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में गोलीबारी के बाद प्रतिबंधित आतंकवादी समूह बब्बर खालसा इंटरनेशनल के दो संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा प्रायोजित खालिस्तान आंदोलन के नेताओं के निर्देश पर ये दोनों उत्तर भारतीय राज्यों में हत्याओं की साजिश रच रहे थे।
इनके पास से सात पिस्तौल और 45 कारतूस बरामद किये गये है।
पुलिस ने बताया कि इनके पास से दो एंड्राइड फोन भी बरामद किये गये है जिसमें खालिस्तान आंदोलन से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें हैं।
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पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान लुधियाना निवासी भूपेन्दर उर्फ दिलावर सिंह (41) और कुलवंत सिंह (39) के रूप में हुई है। वे पंजाब में कुछ मामलों में भी वांछित थे।
उन्होंने कहा दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने दोनों को शनिवार रात पकड़ा था।
पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) संजीव कुमार यादव ने कहा, ‘‘गिरफ्तार किये गये दोनों लोग खालिस्तान आंदोलन के कट्टर समर्थक हैं और वे पाकिस्तानी आईएसआई प्रायोजित खालिस्तानी नेताओं के निर्देश पर उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में हत्याओं की साजिश रच रहे थे।’’
अधिकारी ने बताया कि भूपेन्दर पाकिस्तान समर्थक दो समूहों- ‘पाकिस्तान जिंदाबाद खालिस्तान जिंदाबाद’ और ‘डिफेन्डर्स ऑफ पाकिस्तान’ का सदस्य है।
बब्बर खालसा इंटरनेशनल के दो पत्र भी उनके मोबाइल फोन से बरामद किये गये है जिनमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या करने वाले दिलावर सिंह बब्बर को याद किया गया है और उसकी प्रशंसा की गई है।
अधिकारी ने बताया कि भूपेन्दर फेसबुक पर काफी सक्रिय है और उसने खालिस्तान आंदोलन और सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) से संबंधित कट्टरपंथी सामग्री और वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए है।
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इन दोनों के हथियारों और गोला बारूद का एक बड़ा जखीरा लेने के लिए कार से दिल्ली आने के बारे में गोपनीय सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने भूपेन्दर और उसके साथी कुलवंत को शनिवार की रात गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया, ‘‘हमारी टीम ने बुराड़ी-मजलिस पार्क रोड़ पर एक अंडरपास के निकट शनिवार की रात लगभग 11 बजे इन दोनों को एक वाहन में देखा और हल्की गोलीबारी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।’’
उन्होंने बताया, ‘‘पूछताछ के दौरान भूपेन्दर ने पुलिस को बताया कि 2016 में वह एक चालक के रूप में काम करने के लिए सऊदी अरब गया था लेकिन लगभग आठ महीनों के बाद जब कोई नौकरी नहीं मिली तो उसने फेसबुक पर अधिक समय बिताना शुरू कर दिया जहां वह कई खालिस्तानी कार्यकर्ताओं के संपर्क में आया और बाद में उनके आंदोलन में शामिल हो गया।’’
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फेसबुक के जरिये भूपेन्दर हरबिंदर सिंह, अमृतपाल कौर, रणदीप सिंह और जरनैल सिंह के संपर्क में आया जिन्हें 2017 में पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ नामक एक समूह बनाया था और उनके मंसूबे ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ की वर्षगांठ पर एक नया आतंकवादी संगठन ‘जत्था वीर खालसा’ बनाने की थी।
उन्होंने बताया कि उनकी साजिश 1984 सिख विरोधी दंगे मामले में शामिल वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने की थी।
अधिकारी ने बताया कि भूपेन्दर ने खालिस्तान उग्रवादियों के सभी धड़ों के साथ अपने संबंध होना स्वीकार किया है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि कुलवंत सिंह पांच से छह साल पहले रायकोट में भूपेन्दर सिंह से मिला था और इसके बाद वे दोनों दोस्त बन गये।
डीसीपी ने बताया कि इसके बाद कुलवंत भूपेन्दर के साथ जुड़ गया।
उन्होंने बताया कि वह फेसबुक पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद खालिस्तान जिंदाबाद’ समूह से जुड़ा जिसे पाकिस्तान से परवेज अख्तर नामक व्यक्ति संचालित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि वह व्हाट्सएप पर पाकिस्तान में कई लोगों के संपर्क में हैं, जिनकी पहचान और आईएसआई के साथ संबंध को सत्यापित किया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि इनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान किये जाने के प्रयास किये जा रहे है।
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